वैशाली नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर ऋषभायतन व पुरानी मंडी स्थित सीमंधर जिनालय मैं आज दसलक्षण पर्व के नवम दिवस पर उत्तम आकिंचन्य धर्म की पूजा आयोजित हुई। इस अवसर पर प्रात 6.30 बजे से जिनेंद्र अभिषेक नित्य नियम पूजन सीमंधर भगवान पूजा सोलह कारण ,रत्नत्रय पूजन समुच्चय पूजन उत्तम आकिंचन्य धर्म विधान् पूजन की गई। इस अवसर पर उपस्थित पूजार्थियो को उत्तम आकिंचन्य धर्म का महत्व बताते हुए पंडित सुनील धवल भोपाल ने कहा कि जब जीव पर पदार्थों से ममता तोड़कर अपने स्वरूप का ज्ञान करता है उस समय जो ज्ञान व आनन्द की प्राप्ति होती है ।उस ज्ञान व आंनद की वृद्धि हेतु सभी प्रकार के अंतरंग बहिरंग परिग्रह का त्याग करके महाव्रत धारण करता है उसे उत्तम आकिंचन्य धर्म कहते है। इस अवसर पर विनिशा जैन के तत्वावधान मैं आज दोपहर भजनो का विशेष आयोजन किया गया भजनो के बीच में जैन धर्म, भक्तामर, बारह भावना, पूजा से सम्बंधित प्रश्न भी पूछे गए प्रश्न का सही उत्तर देने वालो को व भगवान के समक्ष भक्तिनृत्य करने वालो को पारितोषिक डॉ. विकास -विनिशा जैन के द्वारा प्रदान किये गए ।विनिशा जैन के निर्विघ्न तेला संपन्न होने की ख़ुशी में यह भजन कार्यक्रम आयोजित हुआ ।इस अवसर पर पण्डित सुनील धवल भोपाल निर्मल गंगवाल संजय पहाड़िया व दिगम्बर जैन भजन मंडली ने भजन प्रस्तूत किये
भक्ति नृत्य में रचित जैन, निमित सेठी, महक जैन, सृष्टि जैन, मनोज्ञा, करिश्मा, अंशुल आदि व प्रश्नोत्तर में सोनू गंगवाल, वंदना जैन, दृष्टि जैन, जैत्यश्री, नमन गंगवाल, रचित जैन को पुरुस्कृत किया गया |
विजय पांड्या प्रवक्ता, कोषाध्यक्ष
जैन युवा फेडरेशन
9783933641