अब गैर दिव्यांग बच्चे भी दिखायेगे दिव्यांगो के प्रति समानुभूति

अजमेर दिनांक 26.10.2021 राजस्थान महिला कल्याण मण्डल द्वारा दिनांक 14 से 22 अक्टूबर 2021 के दौरान श्रीनगर, पिसांगन, सिलोरा ब्लॉक और अजमेर शहर की 52 सरकारी विद्यालयों में गैर दिव्यांग बच्चों और अध्यापकों को दिव्यांग बच्चों के प्रति समानुभूति(इम्पैथी) विकसित करने के उद्देश्य से चैलेंजिंग चैलेन्जेज गतिविधियों का आयोजन करवाया गया।

संस्था निदेशक श्री राकेश कुमार कौशिक ने बताया कि संस्था दिव्यांग बच्चों को डे-केयर, इनक्लूसिव स्कूल और समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रम के माध्यम मे शिक्षण, प्रशिक्षण उपलब्ध करवाकर, समाज की मुख्य धारा में लाने का प्रयास कर रही है इसी सन्दर्भ मेें दिव्यांग बच्चों को शिक्षण के लिए तैयार कर निकटतम स्कूल में पंजीकृत करवाते है परन्तु अन्य बच्चों का अभिमुखीकरण नही होने से वे दिव्यांग बच्चों को चिढ़ाते है या परेशान करते है जिससे वे परेशान होकर स्कूल छोड़ देते है या जाते ही नहीं है। अतः इन विद्यालयों मेें गैर दिव्यांग बच्चों और अध्यापकों को इनके प्रति समानुभूति अनुभव करवाने के उद्देश्य से चैलेन्जिग चैलेन्जेज गतिविधि करवाई जाती है जिसमें आँख पर पट्टी बांधकर चीजें पता करना, बिना बोले मैसेज देना,काँच में देखकर रास्ता पार करना एक हाथ से गुब्बारा फुलाना आदि कई गतिविधयां शामिल है जिससे गैर दिव्यांग बच्चे एवं अध्यापक दिव्यांगो की परेशानी को अनुभव कर पाए और उनके प्रति संवेदन शील होकर उन्हे विद्यालय में सहयोग करने हेतु प्रेरित हो।

अति. निदेशक तरूण शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा अजमेर जिले के 100 विद्यालयों मे ये गतिविधियां संस्था द्वारा संचालित सागर कॉलेज के बी.एड स्पेशल एजूकेशन के द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं के सहयोग से आयोजित की जा रही र्है। गतिविधियों में विजेता रहे छात्र-छात्राओं को उपहार के रूप् में संस्था द्ववारा विकसित एक विशेष सांप सीढी दी गई जिसमें दिव्यांगो के प्रति सकारात्मक व नकारात्मक दोनों सन्देश है सकारात्मक सन्देश पर सीढी मिलती है और नकारात्मक सन्देश पर सांप काटता है। गतिविधि समाप्ति पर सभी विद्यालय प्रधानों से लिए में फीड बेक में सभी ने इसे दिव्यांगों के समावेशन में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राकेश कुमार कौशिक
निदेशक

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