पंजाब में बिजली सस्ती, जो राजस्थान में महंगी क्यों-देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 3 नवम्बर। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने कहा है कि पंजाब की तर्ज पर अशोक गहलोत को भी बिजली की दरों में तत्काल प्रभाव से कटौती कर आमजन को राहत देनी चाहिए।
देवनानी ने कहा कि पंजाब में वहां की कांग्रेस सरकार ने एक नवंबर से बिजली की दरों में कटौती कर दी है। अब पंजाब और राजस्थान में बिजली दरों में काफी अंतर हो गया है। इसलिए अशोक गहलोत को पंजाब में अपनी पार्टी की सरकार से सीख लेते हुए दरों में कटौती करने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत कब करेंगे राजस्थान में बिजली की दरें कम, देशभर से सर्वाधिक,राजस्थान की जनता क्यों लुटा जा रहा है । राजस्थान की लोगों कब मिलेगी राहत,राजस्थान की गरीब जनता परेशान है । अन्य प्रदेशों में सस्ती दरों पर बिजली मिलने के बावजूद केवल राजस्थान में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराकर उनकी जेब पर आर्थिक भार डालने का औचित्य समझ में नहीं आता है।
देवनानी ने कहा कि राजस्थान में सामान्य वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं से 50 यूनिट तक पौने पांच रुपए प्रति यूनिट बिजली की दर ली जा रही है, जबकि पंजाब में 100 यूनिट तक मात्र एक रुपया 19 पैसे की दर है। राजस्थान में 50 से 150 यूनिट तक 6 रुपए 50 पैसे प्रति यूनिट और पंजाब में 4 रुपए प्रति यूनिट की दर है। 150 से 300 यूनिट तक राजस्थान में 7 रुपए 35 पैसे तथा पंजाब में 4 रुपए एक पैसा प्रति यूनिट की दर लागू है। 500 यूनिट से अधिक पर हमारे प्रदेश में 7 रुपए 95 पैसे और पंजाब में 5 रुपए 76 पैसे प्रति यूनिट लिया जा रहा है। यही नहीं, राजस्थान में स्थाई शुल्क, शहरी कर, फ्यूल सरचार्ज, विद्युत चार्ज के नाम पर भी उपभोक्ताओं से वसूली की जाती है। इन हालात को देखते हुए देवनानी ने कांग्रेस सरकार से सवाल किया है कि आखिर राजस्थान में बिजली दरों में कटौती कब होगी? बिजली महंगी मिलने से सभी लोग परेशान हैं।

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