केकड़ी 19 नवंबर(पवन राठी)सिखों के प्रथम आराध्य गुरु श्री नानक देव जी महाराज की जयंती आज सिंधी समाज द्वारा बंजारा मोहल्ला स्थित सिंधी मंदिर में धूमधाम से मनाई गई।
मीडिया सहायक राम चन्द टहलानी ने बताया कि 13 नवंबर से अखंड पाठ साहिब जी की स्थापना कर पाठ साहिब जी का आरंभ हुआ जिसमें रोजाना प्रातः 5:00 से 7:00 बजे तक पाठ साहिब हुआ करता था।जिसमें आज प्रातः 5:00 बजे जप जी साहिब,आसादी वार,सुखमणि साहिब जी का पाठ किया गया।
प्रातः 10बजे श्री सत्यनारायण भगवान जी की कथा का वाचन किया गया तत्पश्चात पाठ साहब जी का वाचन कर अखंड पाठ साहिब जी का भोग लगाया गया।
इसमें सिंधी समाज के नवयुवक, पुरुष,महिलाएं बच्चे रंग बिरंगी पोशाक पहनकर आए एवं पाठ साहिब जी का वाचन सुनकर झूम कर,नाच कर,गुरु नानक जयंती मनाई।
धार्मिक ग्रंथों का आधार लेकर बहन ईश्वरी देवी होतचंदानी ने बताया कि गुरु नानक साहिब जी ने इस अविनाशी अलख का दर्शन कर उसका जाप किया एवं आमजन को भी जाप कराया स्वयं भी निवें होकर चले एवं सबको नीवां होकर चलने को बोला, जो झुकता है वही पाता है एवं अपनी अमृतवाणी को गुरु ग्रंथ साहिब के रूप में दर्ज कर हमें अनमोल दात बक्ष कर गए हैं व सबको जाप करने के लिए कहा गया। दसीं पातशाहियों ने जब भी भी अपना शरीर छोड़ा तब उन्होंने दो दिन पहले गुरु हाजिर नाजिर जानकर फिर अपना शरीर छोड़ा। अंतिम गुरु जी ने सभी सिख्खन को शरीर रूप में गुरु ना मानकर गुरु ग्रंथ साहिब जी को गुरु मानने का हुक्म दिया।
पाठ साहिब जी का भोग लगने के बाद समस्त विश्व में अमन चैन की कामना की गई तत्पश्चात अटूट लंगर का आयोजन रखा गया था जिसमें सभी धर्म प्रेमी सज्जनों ने लंगर चखा।
बहन सावित्री हरवानी,भूमी भगतानी,भारती सेवकरामानी रेखा पमनानी, संगीता टहलानी,गुड्डू रंगवानी ने गीत भजन प्रस्तुत कर सबको भाव विभोर कर दिया,ढोलक पर संगत योगिता वासवानी एवं भूमी भगतानी ने दी।
समस्त महिला मंडल, नवयुवक मंडल, सिन्धी भ्रात्री मण्डल,जय महाराज का सराहनीय सहयोग रहा।