त्यागी, व्रती, संयमी धनकुमार लुर्हाड़या दम्पत्ती को मिला पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य

अजमेर , 8 दिसम्बर। किसी दिगम्बर साधु की पिच्छी प्राप्त करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता, किंतु अजमेर के धनकुमारजी व पत्नी श्रीमती पुष्पा लुहाड़िया को हाल ही में मुनि 108 श्री पर्व सागरजी महाराज की पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य तीर्थो के तीर्थ श्री सम्मेदशिखर जी में हासिल हुआ है। पिच्छी अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज के संघस्त मुनि 108 श्री पर्वसागरजी की है, जो कि आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के कर कमलों से प्राप्त हुई। श्री लुहाड़िया जी की आरम्भ से ही धर्म के प्रति अगाध श्रृद्धा रही है और हमेशा एक संयमी जीवन व्यतीत करते रहे हैं। वर्ष 2012 के आपका अजमेर चातुर्मास के समय से इस मुनि संघ से परिचय हुआ तभी से आप एवं आपके साथी ताराचंदजी सेठी एवं प्रेमचंदजी पाटनी आदि मुनि संघ के साथ विहार, चौके व चातुर्मास में शिरकत करते रहे। आपने मुनि श्री के साथ उदयपुर, नागपुर, बैंगलोर, पदमपुरा, अहमदाबाद आदि सभी चातुर्मासों में अपना अहम समय व्यतीत किया एवं धर्म साधना की ओर अग्रसर रहे।

बुधवार को अजमेर आगमन पर सर्वोदय कॉलोनी जैन-अजैन समाज ने आपका भव्य स्वागत के साथ गृह प्रवेश करवाया। शोभायात्रा सवेरे साढ़ आठ बजे ढोल ढमाकों के साथ श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन जिनालय से आरम्भ होकर नाचते गाते घर तक लेकर गऐ। जगह-जगह श्री लुहाड़िया दम्पत्ति का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। पिच्छिका असल में दिगम्बर जैन संतो का संयमी उपकरण होता है, जो कि मयूर पंखों से बनी होती है, जिसे चातुर्मास निष्ठापन के अवसर पर परिवर्तित किया जाता है। यह पिच्छीका प्राप्त करने और मुनि श्री को प्रदान करने का सौभाग्य किसी संयमी व्यक्ति को ही प्राप्त होता है। शोभायात्रा व स्वागत के इस अवसर पर ताराचंद सेठी, प्रेमचंद पाटनी, अशोक सुरलाया, कमल कासलीवाल, सुभाष पाटनी, पदमकांत जैन, सुशील दोषी, विनोद-अर्चना जैन, नवीन पाटनी, नरेन्द्र दोषी, प्रणय पांड्या, अनिल-अनिता गंगवाल, मनीष-रेणु पाटनी, महेश गंगवाल, अभय जैन, विनय पाटनी, अशोक-चिंतामणी गोधा, विजय दनगसिया, मनोहर पुरी, दिव्या जैन, अनिल-अंजू पाटनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

अनिल कुमार जैन
सदस्य, श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन जिनालय समिति
र्स्वोदय कॉलोनी, पुलिस लाइन, अजमेर
फोन – 9829215242

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