
देवनानी ने गुरूवार को जारी बयान में कहा कि गत भाजपा सरकार ने अभिभावकों और विद्यार्थियों की मांग पर 20 साल बाद प्रदेश की सरकारी स्कूलों की यूनिफाॅर्म के रंग में बदलाव किया था। नीले रंग का शर्ट और खाकी रंग की पेंट-नेकर के स्थान पर कत्थई रंग की शर्ट और भूरे रंग की पेंट-नेकर किया गया लेकिन सत्ता पर काबिज होते ही कांग्रेस सरकार स्कूल यूनिफाॅर्म परिवर्तन करने के लिए हाथ धोकर पीछे लग गई। आखिर 4 साल बाद ही उसकी ओर से यूनिफाॅर्म के रंग में बदलाव करने का निर्देश दे दिया गया। महज 4 साल में ही यूनिफाॅर्म बदलना कांग्रेस की अक्ल का दिवालियापन होने का सूचक है।
देवनानी ने कहा कि कोरोना के कारण पिछले दो साल में प्रदेश की जनता की आर्थिक हालत पहले से काफी कमजोर हुई हैं। लोगों के रोजगार छिन गए हैं। यह जानते हुए भी सरकार द्वारा अभिभावकों पर यूनिफाॅर्म में बदलाव कर आर्थिक भार डाला जा रहा है। आखिर ऐसी भी क्या मजबूरी है कि महज चार साल में ही सरकार को यूनिफाॅर्म में बदलाव करने को आमादा होना पड़ रहा है।
देवनानी ने कहा कि कांग्रेस को गत भाजपा सरकार में किए गए कार्यों से फोबिया हो चला है। कांग्रेस सरकार धड़ाधड़ एक के बाद एक योजना को बंद करती जा रही है या फिर योजनाओं के नाम परिवर्तन कर उस पर अपनी छाप लगाने का कार्य पिछले तीन साल से कर रही है। कांग्रेस सरकार की ओर से हमारे गौरवमय इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई। कई महापुरूषों के पाठ पाठयक्रम से हटाए गए हैं। भगवा रंग की साइकिलों पर काला रंग पुतवाया गया। अन्नपूर्णा रसोई का नाम बदलकर इंदिरा रसोई कर दिया गया। इसके अतिरिक्त भी दर्जनों योजनाओं, जो भारत के महापुरूषों के नाम से गत भाजपा सरकार में शुरू हुई थी, के नाम बदलने का कार्य पिछले तीन साल में किया गया है।
देवनानी ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले तीन सालों में एक के बाद एक तुगलकी आदेश निकाले है, जिसमें से एक सरकारी स्कूल यूनिफाॅर्म बदलने का भी है। तुगलकी निर्णय और आदेशों के खिलाफ समय≤ पर भाजपा और उसके नेता तो विरोध करते ही रहे हैं, लेकिन अब कांग्रेस और उसके नेता भी तुगलकी निर्णयों की खिलाफत करने लगे हैं। 12 दिसम्बर को जयपुर में होने वाली कांग्रेस की महंगाई हटाओ रैली के निर्णय को ही ले लीजिए। कोरोना विस्फोट के बाद भी रैली करने के निर्णय की खिलाफत भाजपा के साथ अब तो कांग्रेसी नेता भी करने लगे हैं। जयपुर की पूर्व महापौर एवं कांग्रेसी नेता ज्योति खण्डेलवाल भी सड़क पर उतर गई हैं।
देवनानी ने कहा कि बच्चों को गुणात्मक शिक्षा कैसे मिले, उस पर विचार होना चाहिए, साथ विद्यालयों में पढ़ रही बच्चियों की सुरक्षा को लेकर क्या किया जा सकता, इस पर विचार-मंथन होने की आवश्यकता है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान देने के बजाए यूनिफार्म के रंग बदलने पर तुली हुई है।