खूबसूरत चित्रों में भारत के इतिहास का श्रंगार नजर आया

विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग एवं पृथ्वीराज फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रसिद्ध कलाकार डॉ मंजू परिहार द्वारा जल रंगों से बनाई गई यूनेस्को वर्ल्ड हेरीटेज साइट्स की 40 पेंटिंग्स की प्रदर्शनी हेरिटेज इन फ्रेम गुरुवार को दर्शकों की भरपूर संख्या और प्रशंसा के साथ संपन्न हुई। प्रदर्शनी में दूसरे दिन भी दिनभर दर्शकों का आना-जाना लगा रहा। एक ही दीर्घा में भारत की प्रमुख विरासत के नायाब चित्रों को देख सभी दर्शक उत्साहित नजर आये।
पृथ्वीराज फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. पूनम पांडे के अनुसार इस प्रदर्शनी में यूनेस्को द्वारा घोषित पुरातात्विक ,सांस्कृतिक ,एवं प्राकृतिक महत्व के विश्व विरासत स्थलों के साथ भारत को विश्व के उन 6 देशों में सम्मिलित होने का गौरव प्राप्त है जिन देशों ने विश्व को 40 या उससे अधिक विश्व विरासत स्थल दिए हैं।
भारत के इसी स्वर्णिम गौरवपूर्ण इतिहास की कलात्मक यात्रा करते हुए डॉ मंजू परिहार ने वैश्विक महत्व के केंद्र इन सभी स्थलों की जलरंग चित्र श्रृंखला पूर्ण की।
यूनेस्को द्वारा घोषित इन स्थलों में आगरा के किला , अजंता एवं।एलोरा की गुफाएं , नालंदा विश्वविद्यालय, साँची के बौद्ध स्मारक , चंपानेर पावागढ़ , छत्रपति शिवाजी टर्मिनस ,गोआ के चर्च और कांवेंट्स, धोलावीरा ( हड़प्पा संस्कृति के अवशेष ), एलिफेंटा गुफाएं ,फतेहपुर सीकरी, ताजमहल, सूर्य मंदिर कोणार्क , महाबलीपुरम ,खजुराहो स्मारकों का समूह , हम्पी स्मारकों का समूह ,पट्टाडक्कल स्मारक , महान जीवित चोल मंदिर , हुमायूं का मक़बरा ,कुतुबमीनार, महाबोधि मंदिर , भीमबेटका के गुफाचित्र ,लालकिला , जंतर मंतर जयपुर , राजस्थान के पर्वतीय किले , रानी की बावड़ी पाटन , ले कॉर्बुसियर का स्थापत्य कार्य चंडीगढ़ , ,अहमदाबाद और जयपुर के ऐतिहासिक शहर , विक्टोरियन गोथिक एंसेंबल्स मुंबई , रामप्पा मंदिर तेलंगाना ,भारतीय पर्वतीय रेलमार्ग , काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान , सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान ,नंदा देवी राष्ट्रीय पुष्प उद्यान ,केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान , मानस वन्यजीव अभ्यारण्य ,पश्चिमी घाट , कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान आदि के चित्र प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी के समापन समारोह में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग एवं पृथ्वीराज फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष डॉ पूनम पांडे, दरगाह कमेटी के सहायक नाजिम डॉ. मोहम्मद आदिल, संग्रहालय की कस्टोडियन रूमा आजम ने डॉ मंजू परिहार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध गायक नवदीप सिंह झाला ने सुमधुर गायन की प्रस्तुति देते हुए राग यमन पर आधारित जब दीप जले आना, चंदन सा बदन, हुजूर इस कदर, मोहे अपने ही रंग में रंग दे के साथ राग तिलक कामोद पर आधारित ठुमरी अंगना फूल खिलेंगे सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान डॉ. एस कुमार, नीता, दिलीप सिंह, दीपक शर्मा, अनिल जैन, संजय शर्मा, ऋषभ सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।

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