विद्यासागर तपोवन छतरी योजना में चल रहे चतुर मासिक कार्यक्रम में संगम मती माताजी ने कहा कि संसार में अध्यात्म इतना फर्क है संसार कहता है कि जो आज दोस्त है वह का दुश्मन हो सकता है इसलिए अविश्वास बनाए रखें अध्यात्म कहता है जो आज दुश्मन है वह कल दोस्त बन सकता है इसलिए विश्वास के द्वार खुले रखें भरोसा सिर्फ परमात्मा पर नहीं बल्कि इस बात पर भी होना चाहिए कि आदमी का मन बदलते हुए देर नहीं लगती माताजी ने कहा कि हमें संसार में नहीं अध्यात्म की ओर आगे बढ़ना है अध्यात्म यही कहता है की सदैव विश्वास क्यों द्वार खुले रखो अगर हमारा विश्वास का द्वार खुला है तो विजय अवश्य प्राप्त होगी आज माताजी ने प्रवचन देते हुए कहां की व्यक्तिगत से नहीं विचारों से बड़ा होता है गोरे काले से बड़ा नहीं गुणों से बड़ा होता है
प्रातः कालीन सभा में अजमेर के विमला देवी कमल जी गदिया एवं जयपुर निवासी नगेंद्र रश्मि सेठी ने माता जी को शास्त्र भेंट किए एवं पाद प्रक्षालन किए
णमोकार महामंत्र अनुष्ठान में आज 8:00 बजे से लेकर 9:00 बजे तक विद्यासागर तपोवन में श्रद्धालुओं ने णमोकार के जाप किए
णमोकार जाप अनुष्ठान में 1 अगस्त को निर्मल कुमार निमिष कुमार गंगवाल परिवार द्वारा दीप प्रज्वलन किया जाएगा