केकड़ी 4 सितंबर(पवन राठी)
जैसे अंधेरे में हम कुछ भी कार्य नहीं कर सकते ,प्रकाश होते ही सब अपने अपने कार्य में लग जाते हैं, उसी प्रकार उत्तम सत्य धर्म की ज्योति में ही हम आत्मा का अन्वेषण ,अवलोकन और परीक्षण कर सकते हैं । बोहरा कॉलोनी स्थित श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित शास्त्र सभा में उत्तम सत्य धर्म पर अपने प्रवचन के दौरान पंडित कमल शास्त्री सांगानेर ने कहे । इन्हीं के निर्देशन में प्रातः जिनाभिषेक, शांतिधारा ,नित्य नियम पूजन एवं दसलक्षण मंडल विधान एवं तीस चौबीसी मंडल विधान के श्रीफल अर्घ सुमधुर संगीत के साथ चढ़ाए गए ।
शाम को आरती भक्ति संगीत शास्त्र प्रवचन व प्रश्नोत्तरी के पश्चात राजुल महिला मंडल द्वारा सुंदर विचित्र वेशभूषा का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें महिलाओं सेठ सेठानी राजुल नेमी, मैना सुंदरी ,जिनवाणी ,दान पेटी, ग्वाला ,बुढ़िया की लुटिया, शबरी और राम ,धरणेन्द्र पद्मावती, तीर्थंकर बालक आदि पात्रों पर प्रस्तुतियां दी । जिसमें प्रथम स्थान तीर्थंकर की माता सोधर्म इंद्र व सचि इंद्राणी बनकर आए हीरामणी, मंजू बघेरा व चंद्रकांता खुवाड़ा ने प्राप्त किया । द्वितीय स्थान शबरी और राम की प्रस्तुति देकर माला जैन बघेरा व चंद्रकांता बघेरा ने प्राप्त किया। तृतीय स्थान पर धरणेन्द्र पद्मावती बनकर आए गायत्री जूनियाँ, चंदनबाला आशा जूनियाँ रहे, जिन्हें पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया ।प्रमिला जैन वह वंदना जैन निर्णायक रहे । संचालन चंद्रकला जैन ने किया।