अजमेर। अजमेर जिले के कांग्रेसियों, पंचायत समिति सदस्यों एवं सरपंच ने जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत स्वरूप माथुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। आज अजमेर जिला सरपंच संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में सरपंचों एवं कांग्रेसियों ने जिला कलेक्टर अजमेर अंशदीप को ज्ञापन देकर जिला परिषद अजमेर के कार्यकारी अधिकारी हेमंत स्वरूप माथुर पर आरोप लगाया है कि उनकी हठधर्मिता के कारण सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अजमेर जिले के ग्रामीण वंचित हो रहे हैं।
अजमेर जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष हरिराम बाना, पूर्व विधायक डॉ श्री गोपाल बाहेती, पंचायत समिति सरवाड़ के पूर्व सदस्य शक्ति प्रताप सिंह राठौड़ के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में सरपंचों ने जिला कलेक्टर अजमेर अंशदीप को ज्ञापन देकर जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हेमंत स्वरूप माथुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय कार्यवाही करने की मांग की हैं।
ज्ञापन में बताया कि जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर की हठधर्मिता के कारण अजमेर जिला राजस्थान की रैंकिंग में लगातार पिछड़ रहा है एवं 2500 से अधिक विकास के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए लंबित है।
कांग्रेसी नेता शक्ति प्रताप ने बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर गत वर्षों में कराए गए विकास कार्यों के जांच के नाम पर जनप्रतिनिधियों पर दबाव बना रहे हैं एवं प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत बनाए गए पट्टों की जांच के नाम पर चौथ वसूली की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद अजमेर में पिछले 5 माह में जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट नरेगा लेखा सहायक एवं स्वच्छ भारत मिशन के कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर ने तुगलकी आदेश फरमान भी जारी किया है कि यह सब कर्मचारी बिना मानदेय के कार्य करेंगे। इन कर्मचारियों के अनुबंध करार बनाने वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की। प्रशासन गांव के संग में सरकार को मंशा के अनुसार शिविर में पट्टों का वितरण किया गया था उन समस्त पट्टों की जांच करवाने के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है जो की बिल्कुल विधि विरुद्ध है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है। शिष्टमंडल ने जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप का मांग करते हुए विकास कार्यों को अविलंब स्वीकृति प्रदान करने की मांग की एवं मुख्य कार्यकारी माथुर के कार्यकाल की जांच करवाने का भी आग्रह किया है।
इस अवसर पर महेंद्र सिंह मझेवला , पप्पू काठात मायापुर, पदम छाजेड, श्री कृष्ण फौजी, राज किशोर माली, राजेंद्र प्रसाद, मिश्रीलाल, सुरेंद्र सिंह, नीरज चौधरी, गोपाल सेन, सांवर लाल गुर्जर, नीलू दुनीवाल, छोटू गुर्जर, सीताराम गुर्जर, जितेंद्र शर्मा, भागचंद जाट, अजय तोषनीवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।