केकड़ी 26 दिसम्बर(पवन राठी) निकटवर्ती ग्राम खवास में न्याति परिवार द्वारा आयोजित किए जा रहे नानी बाई के मायरे में व्यासपीठ से चहक राधिकाजी ने भक्त नरसी मेहता की श्रीकृष्ण भक्ति का गुणगान करते हुए लोकभाषा में सुमधुर भजनों के साथ कथा का वाचन करते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
खवास सरपंच श्रीमती उर्मिला न्याति ने बताया कि दो दिवसीय कथा के प्रथम दिवस पर चहक राधिकाजी ने नरसी जी के जन्म से उनके व उनकी पुत्री के विवाह के पश्चात दोहिती के विवाह में भरे जाने वाले मायरे का निमंत्रण लाने वाले जोशी जी तक का वृतांत रोचक तरीके से प्रस्तुत किया।
निमन्त्रण लाने वाले जोशी ने जब नरसी जी से भोजन बनाने का सामान माँगा तो नरसी जी के पास कुछ था ही नही तो भजन गाते हुए कहा कि लेबाने देबाने जोशी रामजी को नाम जी।
आयोजक परिवार के छीतरमल न्याति ने बताया कि कथा शुरू होने से पूर्व गाँव के अतिप्राचीन शेषनारायण जी के मंदिर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई जिसमें गाजेबाजे के साथ भजन करते हुए न्याति परिवार एवम ग्रामीण बालकृष्ण लड्डूगोपाल व श्री कृष्ण चरित्र मानस ग्रन्थ को सिर पर धारण करते हुए चल रहे थे।
सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष धर्मीचंद न्याति ने बताया कि कथास्थल पर सुंदर पांडाल में महिलाओं परुषों बुजुर्गों के बैठने की भव्य व्यवस्था की गई है।
छोटे से गाँव खवास में हजारों की संख्या में कथा सुनने पधारे सभी श्रद्धालुओं को आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। पहले दिन की कथा में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अगले दिन की कथा 11 बजे शरू होगी।आजकी कथा में संख्या को देखते हुए कल अधिक श्रद्धालुओं के आने के अनुमान से विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही है।