*बेशकीमती जमीन के फर्जी पट्टे पर न्यायालय ने लगाई रोक*

*फर्जी दस्तावेज तैयार कर नगरपालिका की बेशकीमती जमीन को हड़पने का मामला आया प्रकाश में*
केकड़ी 26 अप्रैल (पवन राठी) मामला बघेरा रोड स्थित भट्टा कॉलोनी का है गौरतलब है कि कृषि उपज मंडी के सामने कॉलोनी में एक भूखंड 60 × 45= 2700वर्ग फिट को भू माफियाओं द्वारा अवैध फर्जी दस्तावेज बनवाकर नगरपालिका केकड़ी की बेशकीमती करोड़ों की जमीन को हड़पने की नीयत से नगर पालिका ने उक्त भूमि पर जैसे तैसे नियमन कर पट्टा बनवाने के लिए नियम व कानून को ताक में रखकर जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है वह कानूनन अवैध एवं असंवैधानिक है। जिस प्रकरण की सुनवाई में फर्जी पट्टे पर न्यायालय ने रोक लगाई है।
नगर पालिका की बेशकीमती जमीन के फर्जी पट्टे पर न्यायालय ने लगाई रोक।
प्रकरण इस प्रकार है :
केकड़ी में कृषि उपज मण्डी के सामने टोडा बघेरा रोड़ पर मुख्य सड़क के लगवा भट्टा कॉलोनी में नगर पालिका केकड़ी का बेशकीमती भूखण्ड 60 X 45 = 2700 वर्गफीट स्थित है। उक्त भूखण्ड का लीज पट्टा नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमेन भंवरलाल छाबड़ा द्वारा दिनांक 10.12.1973 को अलानूर पुत्र हुसैन बक्स भंनभुजा केकड़ी के पक्ष में सात वर्ष हेतु किराये की भूमि के रूप में जारी किया है। जिसकी बाद शिकायत व जांच के इस प्रकार से जारी किये सभी नगर पालिका की भूमियों के अवैध लीज पट्टो को कलेक्टर अजमेर द्वारा 01.01.1976 को कानूनन अवैध होने से निरस्त कर दिया। उक्त प्रकार से जारी की गई अवैध लीज पट्टा किराये भूमियों की कुल 55 लीजों को अजमेर कलेक्टर द्वारा निरस्त किया गया। अलानूर के पक्ष जारी उक्त भूखण्ड की लीज को दिनांक 01.01.1976 को अजमेर कलेक्टर द्वारा निरस्त करने के बाद उक्त भूखण्ड वापस नगर पालिका की सम्पति हो गई। क्योंकि उक्त भूखण्ड के स्थान सार्वजनिक पानी की खाई थी। उक्त नगर पालिका भूखण्ड को अलानूर ने उक्त अवैध व निरस्त लीज पट्टा दिनांक 10.12.1973 के आधार पर कथित फर्जी व कूटरचित विक्रयपत्र के जरिये मोहसीन खान पुत्र मोहम्मद इस्लाम रंगरेज निवासी केकड़ी को दिनांक 01.03.2016 को बैचान कर दिया। तत्पश्चात उक्त पालिका भूखण्ड को क्रेतागण द्वारा अवैधानिक रूप बैचान किया जाता रहा और अन्त में उक्त पालिका भूखण्ड दिनांक 10.06.2022 को गीता देवी पत्नी मदनलाल तेली निवासी जयपुर रोड़ सापन्दा चौराहा केकड़ी व भागचन्द पुत्र भारमल जाट निवासी बुगालिया बास कुचामनसिटी जिला नागौर को अवैध रूप से बैचान कर दिया गया। तत्पश्चात उक्त भूखण्ड का पालिका भूमि होने तथा सार्वजनिक पानी की खाई व रास्ते और सार्वजनिक सम्पति होने के कारण मुन्नी पत्नी अलादीन मुसलामान निवासी भट्टा कॉलोनी केकड़ी वगैरह ने एक जनहितार्थ वाद बउनवान मुन्नी वगैरह बनाम हबीब वगैरह दीवानी वाद संख्या 22/2022 व विविध दीवानी प्रार्थना पत्र संख्या 21 / 2022 प्रतिवादी हबीब, गीता देवी तेली व भागचन्द जाट तथा नगर पालिका केकड़ी के विरूद्ध न्यायालय सिविल न्यायाधीश केकड़ी के समक्ष पेश किया। उक्त वाद को मुन्नी देवी वगैरह ने गीता देवी तेली व भागचन्द जाट से आपसी मिलीभगत व सांठगांठ करके विड्रॉ करवाया जाने का प्रार्थना पत्र पेश कर दिया गया। जबकि इस प्रकार से
पेश जनहितार्थ वाद कानूनन किसी भी सूरत भी वापस नहीं लिया जा सकता है। उक्त मुन्नी देवी वगैरह की न्यायालय से जनहितार्थ पेश वाद को विड्रों करवाये जाने के कार्यवाही के बाद गीता देवी तेली व भागचन्द जाट ने नगर पालिका केकड़ी में उक्त सार्वजनिक पानी की खाई व सम्पति का फर्जी पट्टा बनवाये जाने हेतु पालिका भूमि को किराया भूमि बताकर आवेदन पेश किया। जिसकी आपत्ति आमन्त्रण सूचना नगर पालिका केकड़ी के पत्र क्रमांक 113 दिनांक 13.04.2023 के अनुसार राजस्थान पत्रिका में दिनांक 14.04.2023 को प्रकाशित हुई। उक्त आपत्ति आमन्त्रण की जानकारी वादी अधिवक्ता व प्रतिवादी हबीब को होने पर वादी अधिवक्ता व प्रतिवादी हबीब के अधिवक्ता नितिन कुमार जैन, अधिवक्ता समकित जैन एवं अधिवक्ता विष्णु कुमार साहू द्वारा न्यायालय के समक्ष शीघ्र सुनवाई का प्रार्थना पत्र पेश कर मान्य न्यायालय से उक्त सम्पति की यथास्थिति बनाये रखने का निवेदन किया। जिस पर मान्य न्यायालय द्वारा शीघ्र सुनवाई करते हुये वादी अधिवक्ता व प्रतिवादीगण अधिवक्ता को सुना जाकर अन्तरिम अस्थाई निषेधाज्ञा के प्रार्थना पत्र पर बहस सुनी गई और न्यायालय सिविल न्यायाधीश केकड़ी द्वारा स्थगन आदेश जारी करते हुये उभयपक्षकारान् को पाबन्द किया गया है कि प्रार्थना पत्र में वर्णित भूखण्ड को अन्यत्र हस्तांतरण नहीं करे, ना ही मौके की स्थिति एवं मालिकाना रिकार्ड की स्थिति से छेड़छाड़ एवं कोई परिवर्तन नहीं करे।

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