
अजमेर नगर निगम में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड जिसको कार्य करते हुए लगभग 2) वर्ष पूर्ण होने जा रहे है। इस अवधि के दौरान नगर निगम अजमेर में भ्रष्टाचार का बोल बाला रहा है। अभी विगत दिनो भाजपा पार्षद को रिष्वत लेने के आरोप में सरकार द्वारा निलम्बित किया गया। साथ ही फर्जी पट्टा प्रकरण का मुकद्मा अभी पुलिस में विचाराधीन है। हाल ही में निगम के कर्मचारियों के द्वारा पट्टा जारी करने की एवज में रिष्वत मांगने का प्रकरण चर्चा बना हुआ है। नगर निगम की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमाई हुई है। नगर निगम की स्ट्रीट लाईट के रख-रखाव कार्य आदेष अभी तक नहीं दिये जाने के कारण मेन्टीनेन्स व बंद सर्किट का रखाव नही हो पाने के कारण अधिकांष शहर अंधेरे में डूबा हुआ है। हाल ही में शहर सफाई सैनिको की हड़ताड़ के कारण पूरा शहर का हाल बेहाल है। हड़ताल के कारण सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण शहर को अपने हाल पर छोड़ दिया है। शहर में धड़ल्ले से अवैध निर्माण चार-चार फुट की गलियों में हो रहे है। नगर निगम द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के परे जाकर भवन मानचित्र स्वीकृत किये जा रहे है। उपरोक्त तथ्यों से ऐसा लगता है कि नगर निगम में महापौर की पकड़ डीली होती जा रही है।
अतः महापौर महोदया को इस सब की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिये।
इस्तीफा की मांग करने वालो पार्षदो में मुख्य रूप से श्याम प्रजापति, नरेष सत्यावना, पिंकी बालोटिया, आरीफ खान, मनीष सेठी, सुनील धानका, नुकुल खण्डेलवाल, जावेद खान, बीना टांक, गीता देवी लखन, रष्मि हिगोंरानी, चचंल बैरवाल, हितेष्वरी टांक, शाहजहां बीबी, हमीद चीता, नरेष सारवान, कुषाल कोमल, अनिता चौरसिया व अंकित मोटवानी।
नरेश सत्यावना
पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष
एवं पार्षदगण नगर निगम, अजमेर
मो. 7023305967