मुख्यमंत्री और चैयरमेन बताए की गोपाल केसावत के पास ओमआर शीट और प्रवेश पत्र की फोटो कॅापी कैसे पहुंची, आरपीएससी की गोपनीयता हुई भंग – देवनानी
कांग्रेस सरकार को आरपीएससी का नाम राहुल पेपर सर्विस कमीशन रख देना चाहिए- देवनानी
अजमेर 18 जुलाई। पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री और विधायक वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को भाजयुमो के युवा आक्रोश महाघेराव को लेकर शांतिपूर्वक किए जा रहे प्रदर्शन पर पुलिस की और से बर्बरतापूर्वक निहत्थे युवाओं पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। देवनानी ने कहा की गहलोत सरकार अपनी नाकामियों और गलतियों को छुपाने के लिए लोकतंत्र में अपने हकों की आवाज बुलंद करने वालो पर प्रहार कर मुंह बंद करने का काम कर रही है लेकिन अब जनता ने मुट्ठी भींच ली है और तख्ता पलट का इरादा बना लिया है।
देवनानी ने बताया कि उनके और युवा मोर्चा शहर जिलाध्यक्ष राहुल जायसवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की अर्थी तैयार की और शव यात्रा निकाल कर सभा स्थल पर पहुंचे और सभा स्थल पर शहर कार्यकर्ताओ ने अंतिम संस्कार किया ।
देवनानी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कांग्रेस का पूर्व राज्य मंत्री गोपाल केसावत को एसीबी ने 18.50 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया उसके बाद एसीबी द्वारा मामले को दबाया जा रहा है। एसीबी के एडीजी ने किसके दबाव में आरपीएससी को क्लीनचिट दी। देवनानी ने कहा कि एसीबी ने आरोपियां का रिमांड क्यों नहीं लिया। कांग्रेस सरकार और एसीबी अब इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहीं है। उन्होने कहा कि क्या ये जांच का विषय नहीं है कि गोपाल केसावत के पास ओमआर शीट और प्रवेश पत्र कहा से आया। परिवादी ने लिखित शिकायत देते हुए आरपीएससी के दो सदस्यों का नाम लिया है। देवनानी ने कहा कि आरपीएससी को कांग्रेस राहुल पेपर सर्विस कमीशन बना दिया है। देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक और ओमआर शीट लीक की जांच सीबीआई से करवायी जाए। देवनानी ने मांग की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और आरपीएससी अध्यक्ष संजय कुमार श्रोतिय अपने पद से तुरन्त इस्तिफा दे।
देवनानी ने कहा की कार्यकर्ताओ पर लाठी बरसाने के मामले में पुलिस ने सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए कार्यकर्ताओ के सिर फोड़े जिसमे युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अंकित गुर्जर और जयपुर के कार्यकर्ता योगेश गंभीर रूप से घायल हुए है।
देवनानी ने कहा की गहलोत सरकार लोकतंत्र की दुहाई देती हैं लेकिन उसके उलट खुद लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कुचलनें का काम कर रही है। युवा वर्ग पिछले साढ़े चार साल से बेरोजगारी भत्ते के साथ ही नौकरियों की आस में दिन रात कई परेशानियां भुगतते हुए परीक्षा देता है लेकिन बाबूलाल कटारा और गोपाल केसावत जैसे लोग उनके सपनों का सरेआम कत्ल कर देते है। ऐसे में युवाओं ने जब अपने हकों की आवाज को बुलंद किया तो गहलोत से जनरल डायर की तरह पुलिस को आगे कर निहत्थे कार्यकर्ताओ को बेरहमी से पीटा। निहत्थे कार्यकताओं को पीटना एक निंदनीय घटना और लोकतंत्र को किया गया शर्मसार