अत्यधिक परिचय जीवन में कठिनाइयां उत्तपन्न करती है- आचार्य सुनील सागर

परम् पूज्य आचार्य सुनील सागर जी ससंघ श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन नसियां जी दूदू मैं विराजमान है दिगम्बर जैन महासमिति की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य व अजमेर सम्भाग के महामंत्री कमल गंगवाल व महावीर इंटरनेशनल अजयमेरु के सचिव विजय पांड्या में बताया कि आज दूदू नसियां जी मैं 108 आचार्य सुनील सागर जी ,मुनि श्री सुतेश सागर जी मुनि श्री सम्पूज्य सागर जी,मुनि श्री सम्प्रज्ञ सागर जी का केश लोचन हुआ । आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि
अति परिचय जीवन मैं कभी अति कठिनाइया पैदा करती है अति परिचय किसी से भी हो अटैचमेंट होता है तो राग करता है राग बढ़ता है चाहत बढ़ती है, चाहत अगर पूरी हुई तो खुशी होगी हैप्पी लाइफ हो जाएगी और अगर चाहत पूरी नही हुई तो विषाद हो जाएगा। खेद हो जाएगा दूरिया बढ़ जाएगी,इसीलिए दोनों मैं भी समस्या खड़ी होगी,एक तरफ राग बढ़ता है एक तरफ द्वेष बढ़ता है, इसीलिए किसी से भी अति परिचय नही करना चाहिए। इसके साथ ही पूर्व मैं एक सवाल के जवाब मैं उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि धातु जैसा सोना हो या न हो मन सोने जैसा बना लेंगे तो चातुर्मास भी सोने जैसा हो जाएगा केवल बाहरी दिखावे से चातुर्मास स्वर्णिम नही होता बाहय प्रभावना के साथ साथ अंतरंग प्रभावना अंतरंग निर्मलता आपसी वात्सल्य भी होनी चाहिए इसके साथ देव शास्त्र गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा भाव व प्रभावना भी होना चाहिए।धर्मसभा मैं अजमेर जयपुर उदयपुर जिले से सेंकडो श्रद्धालु ने उपस्थित थे।
इस दौरान शरद जैन अपराजिता जैन दिल्ली कमल गंगवाल विजय पांड्या रूबी जैन मोना जैन देवर्ष गंगवाल आदि ने श्री फल अर्पित कर आशीर्वाद लिया

कमल गंगवाल
महामंत्री अजमेर

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