बीमा में गेहूं, जौ, सरसों, चना, तारामीरा और जीरा फसलें सम्मिलित
अजमेर, 30 दिसम्बर। राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के बाद रबी फसलों का बीमा का बीमा प्रारंभ चुका है। जिले में 31 दिसम्बर तक किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों का बीमा करवा सकते हैं।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्री संजय तनेजा ने बताया कि योजना में फसली ऋण लेने वाले कृषक, गैर ऋणी कृषक एवं बंटाईदार कृषकों द्वारा फसलों का बीमा स्वैच्छिक रुप से 31 दिसम्बर तक करवा सकते है। जिन किसानों ने 31 दिसम्बर तक किसी भी वित्तीय संस्थाओं से अल्पकालीन फसली ऋण स्वीकृत करवाया है, उन किसानों का बीमा सम्बन्धित बैंक या सहकारी समिति द्वारा प्रीमियम की राशि कटौती करके बीमा किया जाएगा। जिन किसानों ने ऋण नहीं ले रखा है, वे किसान नजदीकी सिटीजन सर्विस सेंटर (सीएससी) से फसलों का नकद प्रीमियम की राशि जमा करवा के बीमा करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि रबी की छः फसले बीमा में सम्मिलित होगी। इनमें गेहूं, जौ, सरसों, चना, तारामीरा और जीरा की फसलें शामिल है। रबी की फसलों के लिये कुल बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत प्रीमियम राशि कृषक को देनी होगी। इसी प्रकार मौसम आधारित फसल बीमा योजना में उद्यानिकी फसलें आंवला, बैंगन, फूलगोभी, प्याज, मटर व टमाटर गिरदावर सर्किल ईकाई अनुरुप सम्मिलित है। इसके लिए कृषक को बीमित राशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा करानी होगी। जिले के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड अधिकृत है।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 2 लाख 4 हजार 414 केसीसी धारक है। इसमें सबसे अधिक 74 हजार 88 अजमेर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक, 57 हजार 646 बैंक ऑफ बड़ौदा, 19 हजार 584 राजस्थान ग्रामीण बैंक, 12 हजार 965 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, 10 हजार 346 एसबीआई, 9 हजार 697 एचडीएफसी, 7 हजार 893 आईसीआईसीआई तथा शेष अन्य बैंकों के पास है। अब तक 29.02 प्रतिशत केसीसी सैचुरेशन हुआ है। इसी कड़ी में आयुक्त कृषि विभाग द्वारा समस्त पात्र केसीसी धारकों का बीमा कर शेष अवधि में शत-प्रतिशत सैचुरेशन के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि विगत वर्ष रबी मौसम में एक लाख 24 हजार 70 हेक्टेयर में 6 लाख 23 हजार 390 बीमा पॉलिसियां सृजित हुई थी। जबकि इस वर्ष में अब तक 97 हजार 61 हेक्टेयर में किसानों ने नामांकन दर्ज कर 5 लाख 18 हजार 40 बीमा पॉलिसियां सृजित की जा चुकी है।
पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगाने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि कल
अजमेर, 30 दिसम्बर। किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान पीएम कुसुम के कम्पोनेन्ट बी के तहत जिले को 1400 किसानों के जल स्त्रोत पर सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगाए जाने के लक्ष्य आवंटित किए गए।
उप निदेशक उद्यानिकी डॉ. के.पी. सिंह ने बताया कि किसान ऎसे कृषक जिनके पास न्यूनतम 0.4 हैक्टर का भू-स्वामित्व हो तथा सिंचाई के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन नही है एवं अन्य वैकल्पित साधन पर निर्भर है। उन्हे सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पंप संयंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराया जाना योजना का उद्वेश्य है। सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए राज किसान साथी पोर्टल पर स्वयं ई-मित्र के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज अपलोड़ कर आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए जनाधार, आधार कार्ड की प्रति, जमाबन्दी की नवीनतम प्रति, सिंचाई स्त्रोत प्रमाण पत्र, पूर्व में अनुदान नहीं लिए जाने का प्रमाण पत्र, कृषक पात्रता का प्रमाण पत्र, कृषक हिस्सा राशि जमा कराने का सहमति पत्र देना होगा। योजना के तहत कृषकों को 3 एचपी, 5 एचपी एवं 7.5 एचपी सौर ऊर्जा पंप स्थापना ईकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान देय है। अनुसूचित जाति व जनजाति के कृषकों को 45 हजार रुपए का अतिरिक्त अनुदान देय हैं। जिले में सौलर पंप स्थापना के लिए कार्यादेश जारी करने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर हैं।
खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पौष्टिक अनाज योजनान्तर्गत जिला स्तरीय प्रथम कार्यशाला गुरूवार को
अजमेर, 30 दिसम्बर। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक श्री संजय तनेजा ने बताया कि राज्य में पोषक अनाजों के उत्पादन में वृद्धि मूल्य संवर्धन, मूल्य सवंर्धित उत्पादों के घरेलू उपयोग में वृद्धि आदि के सम्बंध में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पौष्टिक अनाज योजनान्तर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला प्रथम कार्यशाला गुरूवार, एक जनवरी तथा द्वितीय कार्यशाला सोमवार, 5 जनवरी को प्रातः 11 बजे कार्यालय परियोजना निदेशक कृषि (आत्मा) अजमेर के सभागार में आयोजित की जाएगी।