अजमेर 29 जनवरी – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लगाई गई रोक को लेकर अजमेर के सामान्य वर्ग में खुशी की लहर है। सामान्य वर्ग के लोगों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के काले कानून पर रोक लगाकर आम नागरिकों और विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। सर्वाेच्च न्यायालय का धन्यवाद ज्ञापित किया
सामान्य वर्ग के प्रतिनिधियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना है कि इस नए कानून का दुरुपयोग संभव है, इसी कारण केंद्र सरकार को नए सिरे से ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और युवाओं में व्याप्त असंतोष को बल मिला है और उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी द्वारा लाए गए नवीन नियम सामान्य वर्ग की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे थे। यही कारण है कि देशभर में इसका व्यापक विरोध देखने को मिला।
सामान्य वर्ग की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं –
जातिगत भेदभाव करने वालों के खिलाफ सख्त करवाई हो पर, झूठी, दुर्भावनापूर्ण एवं दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई शिकायतों पर शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा उसकी पहचान उजागर की जाए, ओबीसी वर्ग की तर्ज पर सामान्य वर्ग को भी विधिक रूप से सम्मिलित (।कक) किया जाए, यूजीसी के इस नियम/एक्ट को पूरी तरह रोलबैक किया जाए और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
सामान्य वर्ग ने स्पष्ट किया कि इस कानून को लेकर आगे भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकार इस नियम को पूरी तरह वापस ले और सभी वर्गों से संवाद कर नया मसौदा तैयार करे।
इस अवसर पर सामान्य वर्ग के लोगों ने श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के अध्यक्ष महेंद्र बंसल एवं सचिव रमेश लालवानी का माला पहनाकर अभिनंदन किया। बताया गया कि 1 फरवरी को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर सामान्य वर्ग का प्रतिनिधिमंडल श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ से मिला था, जिस पर महासंघ ने समर्थन देते हुए कहा कि यदि भारत बंद होता तो अजमेर बंद में भी श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ सामान्य वर्ग को समर्थन देगा। पर सर्वाेच्च न्यायालय की रोक के बाद अजमेर बंद का निर्णय वापस ले लिया गया है
इस समर्थन के लिए सामान्य वर्ग की ओर से श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ का आभार व्यक्त किया गया।
इस दौरान गुंजन शर्मा, आशीष मिश्रा, महेंद्र बंसल, रमेश लालवानी, एडवोकेट , ईशान मिश्रा, प्रवीण झा, अनुपम शर्मा, लोकेश मिश्र, विवेक पंडित, आनंद शर्मा, तुषार उपाध्याय, एडवोकेट भवन शर्मा, दीपांशु शर्मा, पुनीत भारद्वाज, ज्ञान प्रकाश , आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
भवदीय
(गंुजन शर्मा)
मो. 9950956666
सामान्य वर्ग के प्रतिनिधियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना है कि इस नए कानून का दुरुपयोग संभव है, इसी कारण केंद्र सरकार को नए सिरे से ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों और युवाओं में व्याप्त असंतोष को बल मिला है और उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी द्वारा लाए गए नवीन नियम सामान्य वर्ग की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे थे। यही कारण है कि देशभर में इसका व्यापक विरोध देखने को मिला।
सामान्य वर्ग की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं –
जातिगत भेदभाव करने वालों के खिलाफ सख्त करवाई हो पर, झूठी, दुर्भावनापूर्ण एवं दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई शिकायतों पर शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा उसकी पहचान उजागर की जाए, ओबीसी वर्ग की तर्ज पर सामान्य वर्ग को भी विधिक रूप से सम्मिलित (।कक) किया जाए, यूजीसी के इस नियम/एक्ट को पूरी तरह रोलबैक किया जाए और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
सामान्य वर्ग ने स्पष्ट किया कि इस कानून को लेकर आगे भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकार इस नियम को पूरी तरह वापस ले और सभी वर्गों से संवाद कर नया मसौदा तैयार करे।
इस अवसर पर सामान्य वर्ग के लोगों ने श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के अध्यक्ष महेंद्र बंसल एवं सचिव रमेश लालवानी का माला पहनाकर अभिनंदन किया। बताया गया कि 1 फरवरी को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर सामान्य वर्ग का प्रतिनिधिमंडल श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ से मिला था, जिस पर महासंघ ने समर्थन देते हुए कहा कि यदि भारत बंद होता तो अजमेर बंद में भी श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ सामान्य वर्ग को समर्थन देगा। पर सर्वाेच्च न्यायालय की रोक के बाद अजमेर बंद का निर्णय वापस ले लिया गया है
इस समर्थन के लिए सामान्य वर्ग की ओर से श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ का आभार व्यक्त किया गया।
इस दौरान गुंजन शर्मा, आशीष मिश्रा, महेंद्र बंसल, रमेश लालवानी, एडवोकेट , ईशान मिश्रा, प्रवीण झा, अनुपम शर्मा, लोकेश मिश्र, विवेक पंडित, आनंद शर्मा, तुषार उपाध्याय, एडवोकेट भवन शर्मा, दीपांशु शर्मा, पुनीत भारद्वाज, ज्ञान प्रकाश , आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
भवदीय
(गंुजन शर्मा)
मो. 9950956666