पीएफ़एमटीआई द्वारा नवनियुक्त कनिष्ठ लेखाकारों के पाँच सप्ताह के संस्थानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन

अजमेर, 30 जनवरी। वित्त विभाग राजस्थान सरकार के अधीन स्थापित पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट एंड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट जयपुर द्वारा राज्य सरकार द्वारा नवनियुक्त कनिष्ठ लेखाकारो के पाँच सप्ताह के संस्थानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 29 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राजस्व अनुसंधान एवम् प्रशिक्षण संस्थान अजमेर में किया जा रहा हैं।

संस्थान के सयुँक्त निदेशक व पाठ्यक्रम प्रभारी राजस्थान लेखा सेवा के श्री परशुराम सैनी ने अवगत कराया कि निदेशक कोष एवं लेखा विभाग द्वारा नवनियुक्त कनिष्ठ लेखाकारो के संस्थानिक प्रशिक्षण को समयबद्ध आयोजित करवाने हेतु 102 प्रशिक्षणार्थियों को नामित किया था। इस प्रशिक्षण को सभी कनिष्ठ लेखाकारो को संपादित करना अनिवार्य होता हैं। प्रशिक्षण उपरांत विभागीय परीक्षाएं ली जाएगी। इसमे उतीर्ण होने के उपरांत ही कनिष्ठ लेखाकारो का सेवा में स्थाईकरण किया जाएगा। संस्थान का यह षष्टम् बैच हैं। प्रशिक्षण में विभिन्न विषयों जैसे राजस्थान सेवा नियमोंसामान्य वित्त एवं लेखा नियमोंराजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम व नियमलोक निर्माण वित्त एवं लेखा नियमोंबजटकोषागार नियमलेखांकन,एलएफएडी की कार्य-प्रणालीपेंशन नियमोंसूचना का अधिकार अधिनियमयात्र भत्ता नियमोंसीसीए रूल्सलोक सेवाओ के गारंटी अधिनियम इत्यादि विषयों पर दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा व्याख्यान दिए गए।

कार्यक्रम का समापन रंगारंग कार्यक्रम के साथ सूचना केंद्र स्थित हाल में आयोजित किया गया जिसमे प्रशिक्षु कनिष्ठ लेखाकारो द्वारा शिक्षकों का सम्मान किया गया तथा कार्यक्रम को कोषाधिकारी श्री भागीरथ सिंह लखावतसेवानिवृत आरएएस श्री शंकर लाल बैरवाश्री राकेश उतरेजाश्री मोहिंद्र पंजाबीपूर्व निदेशक कोष एवं लेखा श्री के. सी. टेलरसेवानिवृत लेखा सेवा अधिकारी श्री नरेन्द्र माथुरलोकपाल नरेगा श्री सुरेश सिंधी द्वारा संबोधित करते हुए प्रशिक्षण की महत्ता बताते हुए सरकार में उनकी भूमिका के सुचारू निर्वहन की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ लेखाधिकारी श्रीमती बबीता जाखड़अतिरिक्त कोषाधिकारी श्रीमती सविता सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। श्री सैनी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अजमेर संभाग के विभिन्न विभागों में पदस्थापित 102 कनिष्ठ लेखाकारो ने भाग लिया। प्रशिक्षण समाप्ति उपरांत सभी को पुनः मूल पदस्थापन स्थान के लिए कार्यमुक्त किया जाएगा।

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