संबद्ध महाविद्यालय के साथ समीक्षा बैठक आयोजित
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में आज दिनांक 9 फरवरी 2026 को संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं उनके प्रतिनिधियों के साथ संबद्धता एवं परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता माननीय कुलगुरु महोदय ने की, जिसमें कुलसचिव, वित्त नियंत्रक, परीक्षा नियंत्रक सहित सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में माननीय कुलगुरु महोदय ने विश्वविद्यालय की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल देते हुए सभी महाविद्यालयों से नियमों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के अवांछित या असामाजिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए विश्वविद्यालय पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महाविद्यालयों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय सदैव सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाएगा।
बैठक में परीक्षा नियंत्रक द्वारा संबद्धता, परीक्षा संचालन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए गए। महाविद्यालयों को संबद्धता शुल्क निर्धारित तिथि तक जमा कराने, राज्य सरकार की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के पश्चात ही विश्वविद्यालय से प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा नवीन संबद्धता के लिए बैंक गारंटी और एफडीआर समय पर जमा कराने के निर्देश दिए गए। 2017-18 से 2022-23 तक की बकाया जीएसटी राशि शीघ्र जमा कराने का विशेष आग्रह किया गया, ताकि संभावित पेनाल्टी से बचा जा सके।
शिक्षकों की नियुक्ति विश्वविद्यालय के नियम 175 के अनुसार करने तथा नियुक्ति प्रक्रिया में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य रखने पर भी जोर दिया गया। साथ ही प्रत्येक महाविद्यालय में NAAC मान्यता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, IQAC प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अलग NEP 2020 सेल गठित करने के निर्देश दिए गए।
परीक्षा संबंधी निर्देशों में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने, उत्तर पुस्तिकाओं की समयबद्ध पैकिंग और प्रेषण, आंतरिक मूल्यांकन अंक समय पर भेजने तथा उड़नदस्ता दल को पूर्ण सहयोग प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया। स्पष्ट किया गया कि आवंटित सीटों से अधिक प्रवेश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी।
कुलसचिव ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की प्रतिष्ठा को परस्पर पूरक बताते हुए गरिमापूर्ण व्यवहार, समय पर सूचना प्रेषण और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में पूर्ण सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। वित्त नियंत्रक ने बकाया जीएसटी राशि शीघ्र जमा कराने का पुनः आग्रह करते हुए महाविद्यालयों से अपने अभिलेखों की जांच करने को कहा।
बैठक के अंत में माननीय कुलगुरु महोदय ने सभी महाविद्यालयों से आगामी 11 फरवरी से प्रारंभ होने वाली विश्वविद्यालय परीक्षाओं के सफल, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण संचालन में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।