यह देखा गया है कि कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म यह खबर चला रहे हैं कि रिफंड नियम यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डालेंगे। यह तथ्यात्मक रूप से गलत है।
एक पारदर्शिता के कदम के तहत यात्रियों को समय रहते ये बताने के लिए कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई है या नहीं , रेलवे ने लगातार सुधार के तहत चार्ट के टाइमिंग को ४ घंटे से ९-१८ घंटे तक कर दिया है। इससे दूर से आने वाले यात्रियों को यात्रा को लेकर स्पष्टता मिली है । इसी बेहतर यात्री अनुभव सुधार के तहत चार्ट टाइमिंग के विंडो के साथ साथ रिफंड के नियम में भी सुधार किया है जिसमें कोई अतिरिक्त मूल्य देय नहीं है । (No extra cost). इस पारदर्शी सुधार से न सिर्फ यात्रियों को समय रहते स्पष्टता मिल रही है वही ग़ैर क़ानूनी टिकट एजेंट्स पर भी शिकंजा कसा है ।
यात्री अंतिम आधे घंटे तक अपने बोर्डिंग स्टेशन को जल्द ही बदल सकेगा । साथ ही, उपलब्ध होने पर वो अपने यात्रा की श्रेणी को ट्रेन के प्रस्थान के आधे घंटे पहले तक अपग्रेड कर सकेगा।