आज महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर में विधि स्नाकोत्तर विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के रूप में दिनेश चौधरी, रणविजय सिंह बाघसुरी, दिनेश भाटी, राकेश जीनगर, प्रमोद सिंह, लक्ष्मीनारायण, नवलकिशोर, वैभव, विकास चौधरी, आसिफ विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन देने के लिए बृहस्पति भवन गए। वहां वीसी डॉ सुरेश अग्रवाल से मिलने के लिए जाने पर नियमों का हवाला देते हुए गार्ड ने गेट पर रोका। जिस पर आक्रोशित होते हुए सभी प्रतिनिधियों ने गेट बंद करवा कर धरना प्रदर्शन किया और कहा कि हम नहीं मिल सकते तो कोई नहीं मिल सकता। इसके पश्चात किसी भी कर्मचारी और शिक्षकों को भी ऊपर नहीं जाने दिया। कुछ देर बाद वीसी के ऑनलाइन कॉन्फ्रेसिंग द्वारा मीटिंग में होने का हवाला दिया। इस पर भड़के अधिवक्ताओं ने कहा कि वीसी की हठधर्मिता और तानाशाही रवैया लोकतांत्रिक देश में अत्यंत चिंताजनक और निंदनीय हैं। साथ ही उनको कर्तव्यों की पालना करने की सलाह दी। प्रतिनिधियों ने ज्ञापन को चस्पा करना चाहा। समझाइश के पश्चात सभी ने प्रॉक्टर डॉ सुब्रतो दत्ता को ज्ञापन दिया।
एडवोकेट दिनेश चौधरी ने बताया कि हम सभी विधि स्नाकोत्तर विद्यार्थी प्रतिनिधिमंडल के रूप मे अपनी विभिन्न मांगों जिसमें डिप्लोमा इन साइबर लॉ, डीसीएल, डीएलएल, विदेशी भाषा (फ्रेंच, जर्मन, जापानी) कोर्स प्रारंभ करने और बॉयज हॉस्टल में पुनः प्रारंभ करके सीट देने की मांगे थी, इनको लेकर बृहस्पति भवन गए। जिसपर वहां पर वीसी के नहीं मिलने पर वही पर धरना देकर नारेबाजी की तो बाद में वीसी की ऑनलाइन मीटिंग का हवाला दिया इसके पश्चात कुलानुशासक दत्ता सर को ज्ञापन दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र इन विषयों पर संज्ञान लिया जाएगा। यदि हमारी मांगे शीघ्र पूरी नहीं होती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर रणविजय सिंह बाघसुरी, दिनेश भाटी, राकेश जीनगर, प्रमोद सिंह, लक्ष्मीनारायण, नवलकिशोर, वैभव, विकास चौधरी, आसिफ सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।