वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत रावत ने किया सिंगला बांध का निरीक्षण

   अजमेर, 28 मई। राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक श्री सुरेश सिंह रावत ने आज वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत रूपनगढ़ क्षेत्र स्थित सिंगला बांध का निरीक्षण व पूजन कर जल संरक्षण एवं सिंचाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को बांध एवं नहरों के पुनर्वास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।

     मंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव तक पानी पहुंचाने एवं सिंचाई तंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जल ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और इसके संरक्षण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

     रूपनगढ़ (सिंगला) बांध की पूर्ण भराव क्षमता 5.95 एमसीयूएम है तथा इससे क्षेत्र के कई गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होती है। बांध एवं दोनों नहरों के पुनर्वास हेतु लगभग 148 लाख रूपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। परियोजना के अंतर्गत नहरों की सफाई, सिल्ट निकासी, लाइनिंग कार्य, पुलियों की मरम्मत, नई पुलियों का निर्माण, फार्म पॉन्ड निर्माण एवं अन्य विकास कार्य किए जाएंगे।

     मंत्री श्री रावत ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आमजन और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद कर जल संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

     मंत्री श्री रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा बजट 2026 में रूपनगढ़ एवं आसपास के क्षेत्र के लिए जल संरक्षण एवं सिंचाई विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत लगभग 100 करोड़ रूपए की लागत से आनासागर के अधिशेष जल एवं एसटीपी जल के अपवर्तन द्वारा फूलसागर कायड़ से रूपनगढ़ तक बाढ़ सुरक्षा, ड्रेनेज एवं लगभग 1200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी।

     इसके अतिरिक्त लगभग 60 करोड़ रूपए की लागत से पालरा, छावड़ी, निटूटी, पनेर एवं रूपनगढ़ सहित विभिन्न एनीकट, तालाब एवं जल संरचनाओं का जीर्णाेद्धार एवं ड्रेनेज कार्य प्रस्तावित है। साथ ही 12.50 करोड़ रूपए की लागत से ब्राह्मणों का एनीकट एवं अन्य जल संरचनाओं, तालाब एवं कांजवे के जीर्णाेद्धार कार्य भी कराए जाएंगे।

     उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी, भूजल स्तर में सुधार होगा तथा किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

     इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

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