शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में ऐतिहासिक पहल

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर एवं संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के मध्य हुआ महत्वपूर्ण एमओयू

अजमेर।

उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर एवं संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू (Memorandum of Understanding) संपन्न हुआ। यह समझौता दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक सहयोग, संकाय विकास, संयुक्त शोध गतिविधियों, नवाचार, क्षमता निर्माण एवं समावेशी शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेगा। इस अवसर पर संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना एवं रजिस्ट्रार डॉ. आलोक कुमार उपस्थित रहे। वहीं महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर की ओर से कुलगुरु  प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल, रजिस्ट्रार श्री कैलाश चंद्र शर्मा तथा यूजीसी–मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) के निदेशक प्रो. शिव प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थानों के मध्य फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (FDPs), कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संयुक्त शोध परियोजनाओं, अकादमिक सेमिनारों एवं ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा से जोड़ने हेतु विभिन्न नवाचार आधारित गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के उद्देश्यों को मूर्त रूप देने की दिशा में एक सशक्त पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध संस्कृति, अकादमिक नेतृत्व एवं संस्थागत उत्कृष्टता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सहयोग न केवल दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य अकादमिक संबंधों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि प्रदेश एवं देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में नवाचार, अनुसंधान एवं समावेशी विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

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