अजमेर, 16 जून। आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं स्थानीय स्तर पर समाधान और विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान करने के लिए बुधवार 17 जून को भी ग्रामीण एवं शहरी शिविरों के माध्यम से राहत प्रदान की जाएगी।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि अभियान के तहत 15 जुलाई तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार से शुक्रवार तक ग्रामीण एवं शहरी शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार 17 जून को उपखण्ड क्षेत्र पीसांगन की पिचौलिया, भिनाय की देवलियाकलां, पुष्कर की कानस, किशनगढ़ की तिलोनिया, नसीराबाद की कानपुरा ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार नगरीय निकायों में शहरी सेवा शिविरों का आयोजन वार्डवार किया जाएगा।
सफलता की कहानी
ग्रामीण सेवा शिविर बना वरदान, वर्षों बाद मिला मकान का मालिकाना
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ’’ग्रामीण सेवा शिविर-2026’’ ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच साबित हो रहा है। पंचायत समिति श्रीनगर की ग्राम पंचायत साम्प्रोदा में आयोजित शिविर में एक ग्रामीण परिवार को वर्षों से लंबित आवासीय मकान का पट्टा प्राप्त होने पर बड़ी राहत मिली।
ग्राम पंचायत साम्प्रोदा निवासी श्री हरीशंकर लड्डा पुत्र श्री पूसालाल लड्डा अपने पुराने आवासीय मकान के स्वामित्व दस्तावेज से वंचित थे। जानकारी के अभाव में वे अब तक अपने भूखंड का वैधानिक पट्टा प्राप्त नहीं कर सके थे। इससे उन्हें अपने मकान के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए थे।
ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी उन्हें ग्राम पंचायत के व्हाट्सएप समूह के माध्यम से प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने शिविर में पहुंचकर अपने आवासीय परिसर का पट्टा विलेख जारी करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
शिविर प्रभारी ने मामले को प्राथमिकता देते हुए संबंधित टीम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम द्वारा प्रार्थी के आवास का स्वामित्व प्रॉपर्टी पार्सल तैयार किया गया तथा आवश्यक दस्तावेज एकत्रित कर पट्टा पत्रावली तैयार की गई। स्वामित्व योजना के अंतर्गत पूर्व में किए गए सर्वे एवं अभिलेखों के आधार पर समस्त प्रक्रिया पूर्ण करते हुए शिविर स्थल पर ही प्रार्थी को आवासीय मकान का पट्टा जारी कर दिया गया।
पट्टा प्राप्त होने पर श्री हरीशंकर लड्डा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है और अब उन्हें अपने मकान का वैधानिक स्वामित्व दस्तावेज प्राप्त हो गया है।
मौके पर जारी हुआ जन्म प्रमाण पत्र, ग्रामीण महिला को मिली बड़ी राहत
अजमेर, 16 जून। राज्य सरकार द्वारा संचालित ’’ग्रामीण सेवा शिविर-2026’’ ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में पंचायत समिति पीसांगन की ग्राम पंचायत भगवानपुरा में आयोजित ग्राम सेवा शिविर के दौरान एक प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
ग्राम सूरजकुंड निवासी श्रीमती ललिता पुत्री लालाराम द्वारा शिविर में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन प्राप्त होते ही शिविर में उपस्थित संबंधित विभागीय टीम द्वारा दस्तावेजों की तत्काल जांच एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की गई।
टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन किया गया और नियमानुसार उसी शिविर के दौरान प्रार्थिया को जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इस त्वरित सेवा से प्रार्थिया को लंबित प्रक्रिया और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर श्रीमती ललिता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया।
नाम की त्रुटि हुई दूर, किसान सुखलाल को मिला योजनाओं का लाभ पाने का रास्ता
अजमेर, 16 जून। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ’’ग्रामीण सेवा शिविर-2026’’ ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का माध्यम बन रही है। इसी क्रम में केकड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बघेरा में आयोजित शिविर के दौरान एक किसान की वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर ही समाधान कर प्रशासन ने संवेदनशील एवं तत्पर कार्यवाही का उदाहरण प्रस्तुत किया।
ग्राम हरिरामपुरा निवासी श्री सुखलाल बैरवा लंबे समय से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाम की त्रुटि के कारण विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित थे। राजस्व जमाबंदी में उनका नाम ‘सुखपाल पुत्र मांग्या, जाति बैरवा’ दर्ज था, जबकि आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं अन्य दस्तावेजों में उनका नाम ‘सुखलाल पुत्र मांगीलाल बैरवा’ अंकित था।
नाम में इस विसंगति के कारण उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान किसान सुखलाल ने अपनी समस्या शिविर प्रभारी श्री सुरेश कुमार बलाई, उपखण्ड अधिकारी केकड़ी एवं सहायक शिविर प्रभारी सुश्री अर्पिता चौधरी, नायब तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत की।
राजस्व विभाग द्वारा प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए सभी अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर मौके पर ही नाम शुद्धिकरण की कार्यवाही पूर्ण की गई। आवश्यक आदेश जारी कर संशोधित नाम को ऑनलाइन भू-राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया, जिससे किसान के अभिलेखों में एकरूपता स्थापित हो सकी।
नाम शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर किसान सुखलाल बैरवा ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन, शिविर प्रभारी एवं राजस्व टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान शिविर में तुरंत हो गया, जिससे अब उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना बनी पशुपालक परिवार के लिए संबल,
निःशुल्क बीमा पॉलिसी प्राप्त कर मिली आर्थिक सुरक्षा
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है। इसी क्रम में तहसील सावर की ग्राम पंचायत बाढ़ का झोपड़ा में एक पशुपालक परिवार को योजना का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ।
ग्राम बाढ़ का झोपड़ा निवासी श्रीमती अनीता देवी पत्नी श्री रामेश्वर ने बताया कि उनके परिवार की आजीविका मुख्य रूप से कृषि एवं पशुपालन पर आधारित है। कई बार प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
राजकीय पशु चिकित्सा उपकेन्द्र बाढ़ का झोपड़ा में कार्यरत स्टाफ द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के बारे में जानकारी दी गई, जिसके अंतर्गत दुधारू पशुओं का अधिकतम 40 हजार तक का निःशुल्क बीमा किया जाता है।
योजना की जानकारी मिलने पर श्रीमती अनीता देवी ने शिविर उपकेन्द्र में अपने पशुओं का पंजीकरण करवाया। इसके पश्चात पशु चिकित्सा विभाग के स्टाफ द्वारा उनके घर पर जाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा निःशुल्क हेल्थ सर्टिफिकेट जारी कर बीमा प्रक्रिया पूर्ण की गई। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बीमा पॉलिसी जारी की गई, जिसे आज लाभार्थी को प्रदान किया गया।
पॉलिसी प्राप्त होने पर श्रीमती अनीता देवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार, पशुपालन विभाग के अधिकारियों एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से उनके परिवार को भविष्य में पशु हानि की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है।
शिविर में मौके पर हुआ भूमि विभाजन, वर्षों पुराना विवाद सुलझा
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित समाधान और सुशासन का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। इसी क्रम में अरांई की ग्राम पंचायत आकोडिया में आयोजित शिविर के दौरान एक महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
ग्राम आकोडिया निवासी श्री कैलाश पुत्र नाथू, श्री गणेश पुत्र श्रवण मेघवंशी, श्रीमती ग्यारसी देवी पत्नी पांचू एवं श्री घीसालाल पुत्र नाथू (सर्व जाति बलाई) ने शिविर प्रभारी श्रीमती नीतू मीणा, उपखण्ड अधिकारी अंराई के समक्ष उपस्थित होकर खसरा नंबर 2123/730, रकबा 1.6180 हैक्टेयर कृषि भूमि के आपसी सहमति से विभाजन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
प्रार्थीगणों की मांग पर शिविर प्रभारी द्वारा शिविर में मौके पर तहसीलदार अंराई को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। तहसीलदार श्री प्रेमसुख वैष्णव ने पटवारी हल्का आकोडिया से प्रकरण तैयार करवाकर त्वरित प्रक्रिया पूर्ण करवाई। सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए शिविर स्थल पर ही सहमति विभाजन आदेश जारी कर दिया गया, जिससे प्रार्थीगणों को वर्षों से लंबित भूमि संबंधी समस्या से राहत मिली।
प्रार्थीगणों ने प्रशासन की तत्परता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, शिविर प्रभारी एवं तहसील प्रशासन का आभार प्रकट किया।
शिविर में उपखण्ड अधिकारी श्रीमती नीतू मीणा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं विकास अधिकारी श्री शिवदान सिंह, तहसीलदार श्री प्रेमसुख वैष्णव, सहायक विकास अधिकारी श्री संजय तोषनीवाल, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री राजेश कुमार वर्मा, ग्राम पंचायत प्रशासक श्रीमती मीरा देवी, ग्राम विकास अधिकारी श्री दिनेश गिरी गोस्वामी सहित राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति
ग्राम पंचायत ऊँटडा शिविर में अजय खान को मिला दादी का 18 साल पुराना मृत्यु प्रमाण पत्र
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों के उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं जो बरसों पुराने दस्तावेजी उलझनों से परेशान थे। ऎसा ही एक अत्यंत सराहनीय और बड़ी राहत देने वाला मामला अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति की ग्राम पंचायत ऊँटडा में आयोजित विशेष कैम्प में सामने आया है, जहाँ एक परिवार को उनकी दादी का 18 साल पुराना मृत्यु प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी किया गया।
प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम ऊँटडा निवासी प्रार्थी श्री अजय खान (पुत्र श्री सलामुद्दीन) अपनी दादी स्वर्गीय हलिया खातुन का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से परेशान थे। उनकी दादी का देहांत वर्ष 2008 में हो गया था, लेकिन इतने लंबे समय (करीब 18 वर्ष) की अवधि बीत जाने के कारण प्रार्थी के पास मृत्यु से संबंधित कोई भी आवश्यक दस्तावेज या पुख्ता रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजों के अभाव में वे लगातार परेशान हो रहे थे।
ग्राम पंचायत ऊँटडा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान जब यह मामला प्रशासन के सामने आया, तो अधिकारियों ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। शिविर में प्रार्थी को बुलाकर ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक कानूनी और विभागीय औपचारिकताएं पूरी करवाई गईं। इसके बाद, उपखंड/तहसील स्तर से प्राप्त आधिकारिक आदेश के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आज दिनांक को ही मौके पर स्वर्गीय हलिया खातुन का मृत्यु प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से जारी कर प्रार्थी को सौंप दिया गया।
सालों से लंबित और उलझा हुआ यह संवेदनशील कार्य महज कुछ ही घंटों में एक ही छत के नीचे संपन्न होने पर प्रार्थी अजय खान के चेहरे पर बड़ी राहत और खुशी दिखाई दी। उन्होंने इस त्वरित निस्तारण के लिए कैम्प प्रभारी व समस्त प्रशासनिक टीम को धन्यवाद अर्पित किया।
इसके साथ ही, ग्रामीणों ने गाँव-गाँव इस तरह के राजस्व और विकास शिविर लगाकर आमजनों की जटिल समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए राज्य सरकार तथा यशस्वी मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी की इस दूरदर्शी सोच की मुक्त कंठ से सराहना की
राजस्व रिकॉर्ड में नाम शुद्धिकरण से रतनलाल की 20 साल पुरानी चिंता हुई दूर
ग्रामीण सेवा शिविर में मौके पर ही हुआ दुरुस्ती का कार्य
राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों के उन काश्तकारों के लिए जीवन में नई उम्मीद लेकर आ रहे हैं जो सालों से राजस्व रिकॉर्ड की गलतियों के कारण परेशान थे। ऎसा ही एक राहत देने वाला मामला अजमेर जिले के उपखण्ड कार्यालय भिनाय के अंतर्गत ग्राम पंचायत केरोट में आयोजित विशेष शिविर में सामने आया है, जहाँ एक खातेदार के नाम में सुधार का कार्य मौके पर ही त्वरित गति से किया गया।
ग्राम केरोट निवासी प्रार्थी श्री रतनलाल (पुत्र श्री रामहेत कीर) ने बताया कि उनकी पुश्तैनी खातेदारी भूमि के राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) में उनका नाम गलत दर्ज हो गया था। इस एक छोटी सी लिपिकीय त्रुटि के कारण वे पिछले 20 वर्षों से लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर थे और बेहद परेशान थे। नाम में भिन्नता होने के कारण वे न तो बैंक से अपनी जमीन पर कोई लाभ ले पा रहे थे और न ही राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा उठा पा रहे थे। कई बार वे पात्रता के बावजूद सरकारी लाभों से वंचित रह जाते थे।
जब ग्राम पंचायत केरोट में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन हुआ, तो रतनलाल अपनी समस्या लेकर वहाँ पहुँचे। उन्होंने अपनी व्यथा शिविर प्रभारी श्रीमती जीतू कुल्हरी (उपखण्ड अधिकारी, भिनाय) के समक्ष रखी। मामले की संवेदनशीलता और काश्तकार की 20 साल पुरानी पीड़ा को देखते हुए उपखण्ड अधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाई।
शिविर प्रभारी द्वारा तुरंत मौके पर ही प्रार्थी से आवेदन करवाया गया और राजस्व टीम को निर्देशित कर तुरंत प्रभाव से सभी आवश्यक दस्तावेजों की कानूनी कार्यवाही पूर्ण करवाई गई। प्रशासनिक मुस्तैदी का परिणाम यह रहा कि कुछ ही घंटों में मौके पर ही ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में नाम का शुद्धिकरण (दुरुस्ती) कर दिया गया।
सालों से लंबित यह महत्वपूर्ण कार्य इतनी सुगमता से पूरा होने पर काश्तकार रतनलाल कीर के चेहरे पर खुशी और संतोष की लहर दौड़ गई।
अपने शुद्ध नाम का आधिकारिक राजस्व रिकॉर्ड हाथ में लेकर उन्होंने राहत की सांस ली और कहा कि अब वे बिना किसी अड़चन के अपनी जमीन पर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। लाभान्वित काश्तकार ने मौके पर ही इस जटिल समस्या का समाधान करने के लिए शिविर प्रभारी श्रीमती जीतू कुल्हरी, उपखण्ड प्रशासन, राजस्थान सरकार और माननीय मुख्यमंत्री महोदय का सहृदय आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया है।
जसवंतपुरा शिविर में सीता देवी को मिला निःशुल्क बीज मिनी किट
पैदावार बढ़ने से मजबूत होगी परिवार की आर्थिक स्थित
राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों के काश्तकारों को उन्नत खेती और आर्थिक संबल प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन रहे हैं। ऎसा ही एक सुखद और सफल मामला जिले की पंचायत समिति पींसागन की ग्राम पंचायत जसवंतपुरा में आयोजित विशेष शिविर में सामने आया है, जहाँ कृषि विभाग की योजना के तहत एक महिला कृषक को मौके पर ही लाभांवित किया गया।
शिविर के दौरान ग्राम जसवंतपुरा निवासी महिला कृषक श्रीमती सीता देवी (पत्नी श्री टीकु) कृषि विभाग के काउंटर पर पहुँचीं। सरकार की निःशुल्क बीज वितरण योजना के अंतर्गत विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें मौके पर ही उन्नत बीजों का मिनी किट प्रदान किया गया।
सीता देवी ने बताया कि इस उन्नत बीज मिनी किट के उपयोग से उनके खेत की मिट्टी की उर्वरकता बढ़ेगी और फसल की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। अच्छी पैदावार होने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी और खेती की लागत में भी कमी आएगी। मौके पर ही बिना किसी भागदौड़ के निःशुल्क बीज मिनी किट प्राप्त कर महिला लाभार्थी और उनका परिवार बेहद खुश नजर आया।
जागरूक प्रार्थी सीता देवी ने न केवल स्वयं सरकार द्वारा दी जा रही इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाया, बल्कि शिविर में आए अन्य साथी ग्रामीणों और कृषकों को भी इस तकनीक व योजना की जानकारी साझा कर प्रेरित किया। गाँव-गाँव जाकर किसानों को जागरूक करने और मौके पर ही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए लगाए गए इन ग्रामीण सेवा शिविरों की महिला कृषक ने मुक्त कंठ से सराहना की है।
इसके साथ ही, उन्होंने इस बेहतरीन और किसान-हितैषी पहल के लिए राजस्थान सरकार, कृषि विभाग और माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।