देश-विदेश में बढ़ती मांग के बीच योग शिक्षा बना रही वैश्विक रोजगार की नई राह

योग के क्षेत्र में सुनहरा भविष्य: एमडीएसयू में योग पाठ्यक्रमों में प्रवेश जारी

अजमेर। विश्वभर में योग और वेलनेस के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती संभावनाओं के बीच महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू)अजमेर के योग विज्ञान एवं मानवीय चेतना विभाग में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वर्ष 1997-98 में स्थापित विभाग वर्तमान में योग इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्सबीएससी नेचुरोपैथी योगिक साइंसएक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा मास्टर डिग्री इन योगिक साइंस का संचालन कर रहा है।

वर्तमान समय में बढ़ते तनावअसंतुलित जीवनशैली तथा स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं रहाबल्कि यह विश्व स्तर पर एक उभरते हुए करियर विकल्प के रूप में स्थापित हो चुका है। विभाग के पाठ्यक्रम वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक आधार पर विकसित किए गए हैंजो विद्यार्थियों को समग्र स्वास्थ्यव्यक्तित्व विकासजीवन प्रबंधन तथा रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।

विश्व के अनेक देशों में प्रशिक्षित योग विशेषज्ञोंयोग प्रशिक्षकोंवेलनेस कंसल्टेंट एवं योग थेरेपिस्ट की मांग लगातार बढ़ रही है। अमेरिकाजर्मनीसिंगापुरचीनफिजीकंबोडियामलेशिया सहित अनेक देशों में भारतीय योग की लोकप्रियता ने युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार एवं करियर की नई संभावनाएं खोली हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बाद वैश्विक स्तर पर योग के प्रति बढ़ती जागरूकता ने इस क्षेत्र को और अधिक संभावनाशील बना दिया है।

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी विदेशों में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के माध्यम से विभाग के विद्यार्थियों ने फिजीजर्मनीचीनसिंगापुरकंबोडिया तथा मलेशिया जैसे देशों में योग शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए भारतीय योग परंपरा का प्रचार-प्रसार किया है। विभाग के अनेक पूर्व विद्यार्थी एवं शिक्षक वर्तमान में विदेशों में योग एवं वेलनेस क्षेत्र में सफलतापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं।

योग के क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए विद्यालयोंविश्वविद्यालयोंअस्पतालोंआयुष संस्थानोंवेलनेस सेंटरोंफिटनेस उद्योगकॉर्पोरेट सेक्टर तथा पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं। साथ ही स्वरोजगार के रूप में योग स्टूडियोयोग थेरेपी सेंटर तथा ऑनलाइन योग प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म स्थापित कर भी सफल करियर बनाया जा सकता है।

10+2 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए संचालित योगा इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स प्रातःकालीन समय में आयोजित किया जाता हैजिससे विद्यार्थीनौकरीपेशा व्यक्ति एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिक भी अपने नियमित कार्यों के साथ इस पाठ्यक्रम का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। डिप्लोमा के लिए स्नातक होना आवश्यक है |

विश्व में भारतीय योग की बढ़ती प्रतिष्ठा और स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान के बीच महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के योग विज्ञान एवं मानवीय चेतना विभाग के पाठ्यक्रम युवाओं के लिए स्वास्थ्यज्ञान और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक करियर का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकते हैं।

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