राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शोध संस्कृति, नवाचार और बहुविषयक अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम
अजमेर, 5 जुलाई। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू), अजमेर के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC) द्वारा आर्यन कॉलेज, अजमेर के सहयोग से 2 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक “NEP 2020: Research and Innovation” विषय पर आठ दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया जा रहा है।
देशभर के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों और शोधकर्ताओं से इस कार्यक्रम को अत्यंत उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध क्षमता को सुदृढ़ करना, नवाचार आधारित शिक्षण एवं अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण से परिचित कराना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. शिव प्रसाद की उपस्थिति में किया। अपने उद्घाटन उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल उद्देश्य एक सशक्त, नवाचार-आधारित एवं बहुविषयक शोध पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से शोध, उद्यमिता एवं नवाचार को संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल ज्ञान प्रदान करने वाले संस्थान न रहकर ज्ञान सृजन और सामाजिक परिवर्तन के केंद्र के रूप में विकसित होना होगा। इस दिशा में ऐसे फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन शोध प्रवृत्तियों, वैश्विक शैक्षणिक मानकों और अंतर्विषयक दृष्टिकोण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के शिक्षाविद, कुलपति तथा शोध विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत शोध नैतिकता, नवाचार संस्कृति, बहुविषयक अनुसंधान, साहित्यिक चोरी (Plagiarism) की रोकथाम, शोध पद्धति, अंतर्विषयक अध्ययन, गुणवत्तापूर्ण शोध पारिस्थितिकी तंत्र, भारतीय ज्ञान प्रणाली, राष्ट्रीय विकास में अनुसंधान की भूमिका, ज्ञान प्रणालियों में मानवाधिकार तथा उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे समकालीन एवं महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान एवं विचार-विमर्श आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित रिसोर्स पर्सन्स के रूप में प्रो. नंदिनी साहू, प्रो. सी. बी. शर्मा, प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल, प्रो. अनिल कोठारी, डॉ. अश्विनी तिवारी, प्रो. नवीन के. मेहता, प्रो. बालाजी रंगनाथन, प्रो. नारायण लाल गुप्ता, प्रो. जय सिंह, प्रो. महेश कुमार डे, प्रो. के. सी. शर्मा, प्रो. एन. के. गुप्ता, प्रो. अतानु भट्टाचार्य, प्रो. (डॉ.) ओ. पी. दधीच, प्रो. रवीन्द्र गुप्ता तथा प्रो. अशोक कुमार गुप्ता सहित अनेक ख्यातिप्राप्त शिक्षाविद अपने विचार साझा कर रहे हैं।
प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित होने वाले ऑनलाइन सत्रों में विशेषज्ञ व्याख्यान, संवादात्मक चर्चाएँ तथा मूल्यांकन गतिविधियाँ सम्मिलित हैं। कार्यक्रम प्रतिभागियों को अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और समकालीन दृष्टिकोण उपलब्ध करा रहा है।