विद्यार्थियों को जागरूक करने विद्यालय पहुंचे न्यायिक अधिकारी

नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहोश् अभियान के तहत जिले के 55 न्यायिक अधिकारियों ने स्कूलों में किया संवाद

प्रत्येक विद्यालय में लगाई गई ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी

     अजमेर, 7 जुलाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अजमेर के तत्वावधान में मंगलवार को अजमेर न्याय क्षेत्र के राजकीय एवं निजी विद्यालयों में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। अभियान के तहत न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।

     जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अजमेर के अध्यक्ष श्री विक्रांत गुप्ता तथा अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के सचिव श्री अंकित रमन ने राजकीय सावित्री उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विधिक साक्षरता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए नशे से दूरी और कानून के प्रति जागरूकता दोनों समान रूप से आवश्यक हैं।

     इस अवसर पर जिले के 55 न्यायिक अधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित राजकीय एवं निजी विद्यालयों में जाकर नशे को ना कहो, अपने सपनों को हां कहो, नशा कोई स्टाइल नहीं, अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करो विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवन के लिए प्रेरित करना रहा।

     प्राधिकरण के सचिव श्री अंकित रमन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक विकास, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। नशे की लत से स्मरण शक्ति कमजोर होती है, पढ़ाई में रुचि कम होती है, निर्णय क्षमता प्रभावित होती है तथा व्यक्ति तनाव, अवसाद और असामाजिक गतिविधियों की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक नशे का सेवन हृदय, यकृत, फेफड़ों और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ अपराध, हिंसा और सड़क दुर्घटनाओं का भी कारण बन सकता है।

     उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के सभी न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें नशामुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी नशे से दूर रहने तथा सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

     जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं सुरक्षित शिकायत व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय में ‘‘कोर्ट वाली दीदी’’ नाम से शिकायत पेटी स्थापित की है। यह पेटी विद्यालय में ऎसे स्थान पर रखी गई है जहां सीसीटीवी की निगरानी न हो, ताकि विद्यार्थी बिना किसी संकोच के अपनी शिकायत दर्ज कर सकें।

     प्राधिकरण के अनुसार प्रत्येक तीन दिन में पैरा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) शिकायतों का संग्रह करेंगे। प्राप्त शिकायतों को लघु, मध्यम एवं गंभीर श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। लघु मामलों का समाधान विद्यालय स्तर पर, मध्यम श्रेणी के मामलों का निस्तारण काउंसलिंग एवं अभिभावकों के सहयोग से तथा गंभीर मामलों का समाधान पुलिस एवं बाल कल्याण समिति के समन्वय से किया जाएगा।

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