ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर

बुधवार को भी मिलेगी जन-जन को राहत

अजमेर, 7 जुलाई। आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं स्थानीय स्तर पर समाधान और विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान करने के लिए बुधवार जुलाई को भी ग्रामीण एवं शहरी शिविरों के माध्यम से राहत प्रदान की जाएगी।

जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि अभियान के तहत 15 जुलाई तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार से शुक्रवार तक ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बुधवार जुलाई को उपखण्ड क्षेत्र अजमेर की डूमाडा एवं मियापुर, भिनाय की राममालियाकिशनगढ़ की सरगांवकेकड़ी की मानखण्डनसीराबाद की बाघसूरीसरवाड़ की हरपुरा एवं शोकलियासावर की टांकावास एवं पीसांगन की जेठाना ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार नगरीय निकायों में शहरी सेवा शिविरों का आयोजन वार्डवार किया जाएगा।

सफलता की कहानी-1

पट्टा वितरण कर राहत दिलाई

श्री दिनेश एवं छोटू लाल जाट निवासी मोतीपुरा ग्राम पंचायत झडवासानसीराबाद ने ग्राम पंचायत में पट्टे हेतु आवेदन किया था। लेकिन आपसी विवाद के कारण मेरा पट्टा जारी नहीं हुआ था। मुझे ग्राम पंचायत में शिविर की जानकारी हुई तो प्रार्थी ग्राम पंचायत में उपस्थित हुआ। ग्राम पंचायत द्वारा समझाइश के कारण विवाद का निरस्तारण कर प्रार्थी का पट्टा जारी कर दिया गया। इससे प्रार्थी बहुत खुश हूं और मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया।


सफलता की कहानी-2

60 वर्षों पुराना भूमि विवाद हुआ समाप्त

वर्षों से चली आ रही पारिवारिक एवं राजस्व संबंधी समस्या का समाधान

     राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 आमजन को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। सरवाड़ की ग्राम पंचायत डबरेला में आयोजित शिविर के दौरान लगभग 60 वर्षों से लंबित भूमि विवाद का आपसी सहमति से समाधान कर न केवल राजस्व संबंधी समस्या का स्थायी निस्तारण किया गया, बल्कि वर्षों से चली आ रही पारिवारिक असहमति का भी सुखद अंत हुआ।

     ग्राम डबरेला के खसरा संख्या 183 एवं 184 के खातेदार श्री कैलाश नाथ पुत्र सोजीनाथ, श्री शंकर पुत्र अर्जुननाथ एवं श्री भागचंद पुत्र प्रेमनाथ ने शिविर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी सरवाड़ श्री गजेन्द्र शर्मा के समक्ष अपनी कृषि भूमि के सहमति विभाजन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भूमि का विभाजन नहीं होने के कारण करीब छह दशक से विवाद बना हुआ था, जिससे परिवारों को निरंतर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

     शिविर प्रभारी श्री गजेन्द्र शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और तहसीलदार सरवाड़ श्रीमती बंटी देवी राजपूत को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार ने सहायक शिविर प्रभारी एवं नायब तहसीलदार श्री रमेश चंद सोनी, भू-अभिलेख निरीक्षक श्री सियाराम मीणा तथा पटवारी श्री मनोज गुर्जर एवं श्री मुकेश कुमार की राजस्व टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई सुनिश्चित की।

     राजस्व टीम ने सभी खातेदारों को मौके पर उपस्थित कर राजस्व अभिलेखों एवं वास्तविक कब्जे का परीक्षण किया। सभी पक्षों की सहमति के आधार पर नियमानुसार भूमि का सहमति विभाजन संपन्न कराया गया। इस कार्रवाई के साथ ही लगभग 60 वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया।

     दशकों पुरानी समस्या का समाधान शिविर में ही होने पर सभी खातेदारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजस्थान सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने शिविर प्रभारी श्री गजेन्द्र शर्मा, तहसीलदार श्रीमती बंटी देवी राजपूत, नायब तहसीलदार श्री रमेश चंद सोनी तथा पूरी राजस्व टीम का धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने उन्हें वर्षों से लंबित समस्या से स्थायी राहत दिलाकर शासन-प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत किया।

सफलता की कहानी-3

सोलर कनेक्शन का मिला लाभ

ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान पंचायत समिति पींसागन के ग्राम पंचायत मांगलियावास मे आयोजित शिविर मे ग्राम पाबुथान के निवासी रंगलाल चौधरी को भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी सबसीडी द्वारा सोलर कनेक्शन लगवाया। जिससे इनका बिजली का बिल शुन्य हो गया। इस हेतु सरकार द्वारा इनको प्रोत्साहन हेतु इन्डक्शन चुल्हा प्रदान किया गया। जिस हेतु लाभार्थी ने खुश होकर सरकार का आभार व्यक्त किया।

सफलता की कहानी-4

सहमति से हुआ बंटवारा

ग्राम पंचायत मुख्यालय पीपलाज में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में प्रभारी अधिकारी के समक्ष प्रार्थी भीमराजगोपालमहावीर पि जग्गा जाति कुमावत ने अपनी-अपनी खातेदारी भूमि का बंटवारा हेतु उपस्थित होकर निवेदन पत्र अन्तर्गत धारा 53 एक्ट 1955 प्रस्तुत कर निवेदन किया कि इनकी ग्राम पीपलाज में खाता संख्या 167 किता रकबा 0.92 है. खातेदारी कृषि भूमि स्थित है। जिसकी आपसी बंटवारे की सहमति नहीं बन पाने से लगभग 20-25 वर्षों से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

राजस्व कर्मियों विशेष कर पटवारी हल्का मेहरुकला की समझाइस से सभी वर्तमान खातेदार सहमत हो जाने से शिविर प्रभारी अधिकारी श्री चन्द्रशेखर भंडारी अतिरिक्त जिला कलक्टर केकड़ी व तहसीलदार सावर श्री भगवती प्रसाद वैष्णव के निर्देशानुसार पटवारी श्री लक्ष्मण कुमावत व गिरदावर साहब श्री सत्यनारायण मीणा द्वारा उक्त कृषि भूमि का रिकॉर्ड वह मौके की स्थिति के आधार पर पारस्परिक सहमति से बंटवारे का प्रस्ताव तैयार किया गया।

तदनुसार तैयार किए गए प्रस्ताव को शिविर में ही तहसीलदार सावर द्वारा स्वीकृत कर रिकॉर्ड में अमल दरामद की कार्यवाही करवाई गई। सभी सह खातेदारों ने आपसी सहमति से बंटवारे के आधार पर कृषि भूमि का विभाजन स्वीेकृत होने पर समस्त राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

सफलता की कहानी-5

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना से मिला आर्थिक सुरक्षा का भरोसा

पशुपालक ने पशुओं का कराया 80 हजार रूपए का बीमा, योजना से बढ़ा आत्मविश्वास

     राजस्थान सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत आयोजित शिविर ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उपखण्ड रूपनगढ़ के ग्राम पंचायत सुरसुरा स्थित अटल सेवा केन्द्र में आयोजित शिविर में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के माध्यम से एक पशुपालक को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला।

     ग्राम सुरसुरा निवासी श्री बजरंग लाल शर्मा ने शिविर में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अपने दो दुग्धारू पशुओं का बीमा कराया। योजना के अंतर्गत दोनों पशुओं का 40-40 हजार, अर्थात कुल 80 हजार का बीमा किया गया।

     श्री बजरंग लाल शर्मा ने बताया कि पशुपालन उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऎसे में किसी दुर्घटना अथवा पशु की मृत्यु की स्थिति में होने वाले आर्थिक नुकसान की चिंता हमेशा बनी रहती थी। ग्रामीण सेवा शिविर में योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत अपने पशुओं का बीमा कराया। अब उन्हें विश्वास है कि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में उनके परिवार को आर्थिक संबल मिलेगा और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

     उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना को ग्रामीण पशुपालकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए राज्य सरकार एवं पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त किया।

सफलता की कहानी-6

शहरी सेवा शिविर-2026 में मिली त्वरित राहत

नगरपालिका सावर के शिविर में मौके पर हुआ निस्तारण

     राजस्थान सरकार एवं नगरीय विकास एवं आवासन (स्वायत्त शासन) विभाग के निर्देशानुसार संचालित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन को त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को नगरपालिका सावर कार्यालय में आयोजित शिविर में नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर राहत प्रदान की गई।

     शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सात जन्म प्रमाण पत्रों का निस्तारण कर संबंधित आवेदकों को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए। वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता के बिना एक ही स्थान पर त्वरित सेवा मिलने से लाभार्थियों ने संतोष व्यक्त किया।

     लाभार्थियों ने कहा कि शहरी सेवा शिविर के माध्यम से आवश्यक नागरिक सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। इससे आमजन का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है तथा सरकारी सेवाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

     जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थियों ने राजस्थान सरकार, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग तथा नगरपालिका सावर के अधिशासी अधिकारी श्री मनोज कुमार मीणा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहरी सेवा शिविर आम नागरिकों को त्वरित राहत पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है।

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