महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय का 39वाँ स्थापना दिवस समारोह सात दिवसीय उत्सव के रूप में होगा आयोजित

31 जुलाई से 7 अगस्त तक ज्ञान, आत्मचिंतन, नवाचार, संस्कृति एवं विकास संकल्प पर आधारित होंगे विविध कार्यक्रम
अजमेर, 30 जुलाई। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर अपने 39वें स्थापना दिवस को इस वर्ष एक विशिष्ट एवं प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान करते हुए 31 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक सप्तदिवसीय स्थापना दिवस समारोह का आयोजन करेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में ज्ञान, आत्मनिरीक्षण, नवाचार, सांस्कृतिक चेतना, संस्थागत उत्तरदायित्व तथा भविष्य की विकास-दृष्टि पर आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का मूल्यांकन, भविष्य की दिशा निर्धारित करने तथा समस्त विश्वविद्यालय परिवार को एक साझा संकल्प के सूत्र में जोड़ने का अवसर है। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से निर्धारित कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता, नवाचार, अनुसंधान, भारतीय ज्ञान परम्परा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त केन्द्र बनाने की दिशा में यह स्थापना दिवस समारोह नई ऊर्जा एवं नई कार्यसंस्कृति का संदेश देगा।

प्रकाश दिवस से होगा शुभारम्भ
सप्तदिवसीय समारोह का शुभारम्भ 31 जुलाई (शुक्रवार) को “प्रकाश दिवस” के रूप में किया जाएगा। स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर विश्वविद्यालय स्थित माँ सरस्वती मंदिर प्रांगण में 108 दीपों के साथ दीप-यज्ञ का आयोजन होगा। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल द्वारा आकाश दीप (स्काई लैंटर्न) का आरोहण किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिवार सामूहिक रूप से ज्ञान, प्रकाश, सकारात्मक ऊर्जा एवं नवसंकल्प का संदेश देगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु करेंगे।

स्थापना दिवस पर होंगे लोकार्पण एवं नई परियोजनाओं का शुभारम्भ
1 अगस्त (शनिवार) को विश्वविद्यालय का 39वाँ स्थापना दिवस एवं आत्मनिरीक्षण दिवस मनाया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मुख्य आतिथ्य माननीय कुलाधिपति महोदय तथा वासुदेव देवनानी विधान सभा अध्यक्ष एवं केबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत द्वारा किया जाएगा।

इस अवसर पर वैदिक परम्परा के अनुरूप हवन एवं पूजन सम्पन्न होगा। साथ ही विश्वविद्यालय की विभिन्न नई परियोजनाओं, भवनों, अत्याधुनिक सुविधाओं, डिजिटल पहलों एवं विकासात्मक गतिविधियों का उद्घाटन, लोकार्पण एवं शुभारम्भ किया जाएगा। स्थापना दिवस समारोह में विश्वविद्यालय की भावी विकास-दृष्टि पर अपना उद्बोधन कुलगुरु प्रो सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे

आत्ममंथन एवं स्वमूल्यांकन को मिलेगा विशेष स्थान
समारोह के तीसरे चरण में 3 अगस्त (सोमवार) को “आत्ममंथन एवं स्वमूल्यांकन दिवस” आयोजित किया जाएगा। इस दिन विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी Self Introspection Form (आत्मनिरीक्षण प्रपत्र) भरेंगे तथा अपने कार्य, उत्तरदायित्व, उपलब्धियों एवं भविष्य के लक्ष्यों का स्वमूल्यांकन करेंगे।

कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक प्रगति आत्ममंथन और सतत सुधार की संस्कृति से ही संभव होती है। इसी उद्देश्य से यह अभिनव पहल प्रारम्भ की जा रही है।

विभागीय उपलब्धियों की प्रदर्शनी बनेगी आकर्षण का केन्द्र
4 अगस्त (मंगलवार) को “विभागीय उपलब्धि एवं प्रदर्शनी दिवस” मनाया जाएगा। विश्वविद्यालय के विभिन्न शिक्षण विभाग, अध्ययन केन्द्र एवं प्रकोष्ठ अपने वर्षभर के उल्लेखनीय कार्यों, नवाचारों, अनुसंधान उपलब्धियों, सामाजिक गतिविधियों तथा भविष्य की योजनाओं का प्रदर्शन करेंगे।

प्रदर्शनी में विभागों की विकास यात्रा, उत्कृष्ट शोध, प्रयोगात्मक उपलब्धियाँ तथा शैक्षणिक नवाचारों को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं आगंतुकों को विश्वविद्यालय की प्रगति का समग्र परिचय प्राप्त होगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगा गुरु वंदन
5 अगस्त (बुधवार) को “सांस्कृतिक एवं गुरु वंदन दिवस” आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. बी. आर. छीपा, पूर्व कुलगुरु, राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर होंगे, जबकि अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे।

इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, विश्वविद्यालयीय परम्पराओं एवं युवा प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही गुरु वंदन एवं छात्र अभिनंदन समारोह आयोजित कर गुरु-शिष्य परम्परा के आदर्श मूल्यों को सम्मानित किया जाएगा।

विकास चिंतन एवं भविष्य की कार्ययोजना पर होगा मंथन
6 अगस्त (गुरुवार) को “विश्वविद्यालय विकास चिंतन एवं संकल्प दिवस” आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे।

इस अवसर पर आगामी वर्ष की कार्ययोजना, शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार, अधोसंरचना विकास, छात्र कल्याण तथा प्रशासनिक सुधारों पर विश्वविद्यालय स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। सभी संकाय सदस्य अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत करेंगे तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास हेतु सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

समापन समारोह में होगा भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प
सप्तदिवसीय समारोह का औपचारिक समापन 7 अगस्त (शुक्रवार) को होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर के अध्यक्ष माननीय श्री हनुमान सिंह जी होंगे तथा अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे।

समापन समारोह में विशिष्ट अतिथियों के आशीर्वचन, उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान तथा विश्वविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प के साथ स्थापना दिवस समारोह का समापन किया जाएगा।

कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण का केन्द्र है। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित ये सातों कार्यक्रम विश्वविद्यालय की गौरवशाली परम्परा, भारतीय ज्ञान संस्कृति, आत्ममंथन, नवाचार एवं उत्तरदायी प्रशासन की भावना को सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य से इन कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर स्थापना दिवस को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।

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