39वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में दीपयज्ञ एवं आकाशदीपों से आलोकित हुआ परिसर

‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ के मंत्र के साथ ज्ञान, संस्कृति और प्रगति का संदेश

अजमेर, 31 जुलाई। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के 39वें स्थापना दिवस समारोह की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में ‘प्रकाश दिवस’ के अंतर्गत भव्य दीपयज्ञ एवं दीप प्रज्वलन समारोह का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति में प्रकाश के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञानपरक महत्व को समर्पित इस आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सायंकाल आयोजित दीपयज्ञ के दौरान संपूर्ण परिसर दीपों की पावन आभा से आलोकित हो उठा तथा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, सकारात्मक ऊर्जा एवं उत्सवमय उल्लास से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति में प्रकाश के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में सदैव यह प्रार्थना की गई है—“तमसो मा ज्योतिर्गमय”, अर्थात् हमें अज्ञान और अंधकार से ज्ञान एवं प्रकाश की ओर ले चलो। यही भावना विश्वविद्यालय के प्रकाश दिवस का मूल संदेश है। उन्होंने कहा कि आज प्रज्वलित की गई यह ज्योति केवल दीपों की लौ नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और मानवीय मूल्यों की वह अखंड चेतना है, जो निरंतर विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर करती रहेगी।

कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने विश्वविद्यालय के 39वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर समस्त विश्वविद्यालय परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार, सांस्कृतिक चेतना तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों को कई गुना बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति उसके परिवार की सामूहिक प्रतिबद्धता, समर्पण और सहभागिता पर निर्भर करती है तथा आज का यह आयोजन उसी एकात्म भाव का प्रतीक है।

दीपयज्ञ के उपरांत विश्वविद्यालय परिसर में आकाशदीप (Sky Lanterns) भी प्रज्ज्वलित कर आकाश में प्रवाहित किए गए। रंग-बिरंगे आकाशदीपों ने रात्रि आकाश को आलोकित कर दिया और उपस्थित जनसमूह ने इस अद्भुत दृश्य का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। आकाशदीपों के माध्यम से विश्वविद्यालय की उज्ज्वल भविष्य यात्रा, ज्ञान के विस्तार तथा समृद्धि की मंगलकामना व्यक्त की गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए दीप प्रज्वलित किए और विश्वविद्यालय की निरंतर उन्नति, उत्कृष्टता तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए सामूहिक संकल्प लिया। अंत में कुलगुरु ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्थापना दिवस समारोह के आगामी आयोजनों में भी सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

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