कुलगुरू प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के कुलगुरू प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने बुधवार को विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं विकास गतिविधियों की समीक्षा की।
बैठक में विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं नवाचार, अंतर्विषयी अध्ययन, कौशल विकास तथा विभागीय गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। कुलगुरू ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा संस्थानों को पारंपरिक अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ नए विषयों, तकनीकी दक्षताओं और व्यावहारिक ज्ञान को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
कुलगुरू ने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच अकादमिक समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने विभागीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण तथा उनकी उपलब्धियों को विद्यार्थियों और समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
बैठक में विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा एवं परिणाम व्यवस्था, पुस्तकालय एवं डिजिटल संसाधनों, अकादमिक कार्यक्रमों तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कुलगुरू ने संबंधित अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को निर्धारित कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
विद्यार्थियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए डिजिटल शिक्षा, DigiLocker एवं Academic Bank of Credits जैसी नई शैक्षणिक व्यवस्थाओं के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने तथा नई शिक्षा नीति के अनुरूप गतिविधियों को गति देने पर भी जोर दिया गया।
कुलगुरू ने विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता, हरित वातावरण एवं आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को केवल परीक्षा और डिग्री प्रदान करने वाली संस्था के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध, नवाचार, कौशल और व्यक्तित्व विकास का उत्कृष्ट केन्द्र बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।
बैठक के दौरान आगामी शैक्षणिक एवं अकादमिक कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई तथा विश्वविद्यालय की गतिविधियों में अधिकाधिक विद्यार्थी सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
कुलगुरू ने सभी विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और संस्थागत विकास के लिए टीम भावना, पारस्परिक समन्वय एवं परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली के साथ कार्य करने का आह्वान किया।