हिंदी से मेरी पहचान, हिंदी है मेरा अभिमान, त्रिविधा हिंदी से महकी साहित्य धारा

अजमेर/हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर अजयमेरु प्रेस क्लब में आयोजित साहित्य धारा संगोष्ठी हिंदी भाषा की त्रिविधा कविता, लघु कथा व व्यंग्य के स्वर माधुर्य से महक गई। पूर्व कुलपति डॉ कैलाश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस संगोष्ठी का संचालन प्रखर गीतकार डॉ पूनम पांडे ने किया। डॉ रमेश अग्रवाल ने व्यंग्य के माध्यम से रोजगार के प्रति उपजी परिस्थितियों पर कटाक्ष किया। संयोजक उमेश कुमार चौरसिया ने हिंदी के अभिमान का गीत पढ़ा। संदीप पांडे शिष्य, सोनू सिंघल, चंद्रभान कम्पोटर, कुलदीप खन्ना, कुणाल मेघवंशी, रजनीश मैसी, अनीता यादव, रेखा शर्मा, रेनू शर्मा आदि ने भी रोचक रचनाएं सुनाईं।

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