दसलक्षण धर्म के छठवें दिवस पर सुबह मंदिरों मैं उत्तम संयम धर्म की पूजा बड़े भक्ति भाव पूर्वक आयोजित कि गयी।
ऋषभायतन अध्यात्मधाम में दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
अजमेर। दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन वैशाली नगर स्थित श्री ऋषभायतन अध्यात्मधाम में उत्तम संयम धर्म की आराधना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ की गई। प्रातः 7: 30 बजे आज जिनेन्द्र कलशाभिषेक का आयोजन सभी उपस्थित श्रावको द्वारा किया गया इसमें सर्वप्रथम 8 वर्ष से अधिक आयु वाले छोटे बालको द्वारा अभिषेक किये गए उसके बाद सभी श्रद्धालुओं में अभिषेक किये। जिनेंद्र अभिषेक के बाद नित्य नियम पूजा, देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, सोलहकारण पूजन एवं दशलक्षण विधान के अंतर्गत उत्तम संयम धर्म की विशेष पूजा-अर्चना हुई। शांतिपाठ एवं विसर्जन के बाद पं. सुनील धवल, भोपाल द्वारा पूजन के छंदों के संक्षिप्त अर्थ द्वारा पूजन करने का फल बताया ,पूजन के मध्य गाये भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया।ट्रस्ट के मंत्री मनोज कासलीवाल व उप मंत्री मनमोहन पाटनी ने बताया कि पं. श्री विक्रांत शास्त्री, सोलापुर (महाराष्ट्र) एवं विधानाचार्य पं. श्री सुनील धवल, भोपाल (मध्यप्रदेश) के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं को पूजा-विधान एवं प्रवचनों का लाभ मिला।
प्रवक्ता विजय पांडया ने बताया कि शाम को भक्ति गीत-संगीत के बाद प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रवचन में पं. विक्रांत शास्त्री ने बताया की उत्तम संयम केवल खान-पान या वाणी तक सीमित नहीं है, यह हमारी सोच, दृष्टिकोण, समय उपयोग, रिश्तों, और भावनाओं तक फैला हुआ जीवन-मूल्य है
संयम का अर्थ है
अपने मन के विकारों पर नियंत्रण और विवेकपूर्वक जीवन जीना।उत्तम संयम का अर्थ अपनी इच्छाओं और इंद्रियों को नियंत्रित करना है।मनुष्य को स्वाद, रूप, सुख और अन्य आकर्षणों का दास नहीं बनना चाहिए।
जैन दर्शन में “उत्तम संयम” आत्मा की रक्षा का कवच है – जो मनुष्य को पशुत्व से देवत्व की ओर ले जाता है।
ये धूप, अनल में खेने से, कर्मो, को नही जलायेगी । निज में निज की शक्ति ज्वाला, जो राग-द्वेष नशायेगी ।।
धूप दशमी के पावन अवसर पर आत्मा की शुद्धि, पापों के त्याग और प्रभु भक्ति का भाव हमारे जीवन में बना रहे। धर्म, संयम एवं सद्गुणों की सुगंध से जीवन सदैव महकता रहे।
प्रवचन के बाद पंडित विक्रांत जी सोलापुर व पंडित सुनील धवल के द्वारा प्रश्नमंच का कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें विजेताओं को पारितोषिक वितरण किया गया
रात्रि में श्री जैनम महिला मंडल द्वारा जैन तीर्थ स्थानों पर आधारित एक अनोखे और ज्ञानवर्धक तंबोला कार्यक्रम का आयोजन किया गया इसमें जैनम महिला मंडल की सभी सदस्यों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया* इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीलू दोषी व अलका गोधा ने किया और कार्यक्रम संयोजक श्री जेनम महिला मंडल था।
कार्यक्रम में प्रमुख विजेता मंजू दोषी, मिस्ट्री जैन और श्रीमान सुनील जी पंडित साहब रहे और लक्की विनर, श्रीमती ममता जैन रही। कार्यक्रम के पुरस्कार प्रदाता परिवार श्रीमती सुनीता अरुण जी बाकलीवाल थे।
इस अवसर पर ट्रस्टी नरेश लुहाड़िया, विनय लुहाड़िया,श्रेणिक लुहाड़िया, संयोजक प्रकाश पांडया, मंत्री मनोज कासलीवाल, उपमंत्री मनमोहन पाटनी ,सजंय सोनी ,राजेश सोनी, सुरेश गदिया , संदीप बिलाला, प्रसन्न बाकलीवाल, विजय पांड्या ,पारस जैन, अनिल-प्रमोद गंगवाल, प्रमोद लुहाड़िया शेखर चर्चित, मनोज पाटनी, सन्दीप गट्टी, रवि गदिया आदि उपस्थित थे ।
विजय पांड्या
प्रवक्ता