हिन्दी साहित्य भारती (अंतर्राष्ट्रीय) की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न

डॉ. सत्या उपाध्याय को मिली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी
कोलकाता हिन्दी न्यूज। सॉल्टलेक सेक्टर 5 स्थित बेजा होटल में रविवार 20 सितम्बर 2026 को हिन्दी साहित्य भारती (अंतर्राष्ट्रीय) की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद सोनी कुमारी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर संस्था के केंद्रीय महामंत्री डॉ. राम निवास शुक्ल जी (पूर्व संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार) एवं संस्था के पश्चिम बंगाल प्रभारी डॉ. सुबीर कुमार मंडल जी (केंद्र सरकार के राजभाषा अधिकारी डीएम) का अभिनंदन किया।
बैठक को संबोधित करते हुए महामंत्री डॉ. राम निवास शुक्ल ने हिन्दी साहित्य और भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य मां भारती की साधना का एक माध्यम है और इसका मूल उद्देश्य मनुष्य को मानव बनाना है। उन्होंने कहा कि भाषा के बिना मानव अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने सदस्यों से भारतीय ग्रंथों के अध्ययन पर जोर देते हुए रामचरितमानस पढ़ने की अपील की। उनके अनुसार, रामचरितमानस में जीवन का सार समाहित है।
डॉ. प्रो. सत्या उपाध्याय को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी :
बैठक के दौरान डॉ. प्रो. सत्या उपाध्याय को प्रदेश कार्यकारिणी के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह मां भारती की सेवा पूरी निष्ठा के साथ करेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्था से जुड़े सभी सदस्यों का सहयोग उन्हें मिलेगा, जिससे वह अपने दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकेंगी।
पश्चिम बंगाल में संस्था के विस्तार पर जोर :
इस अवसर पर डॉ. सुबीर कुमार मंडल ने पश्चिम बंगाल में हिन्दी साहित्य भारती की गतिविधियों और कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में संस्था अच्छा कार्य कर रही है, विशेष रूप से उत्तर 24 परगना इकाई का कार्य उल्लेखनीय है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में संस्था को और आगे ले जाना उद्देश्य है। इसके लिए पश्चिम बंगाल के प्रत्येक जिले में संस्था के विस्तार की दिशा में निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। डॉ. मंडल ने कहा कि हिन्दी साहित्य भारती भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को संस्था से जोड़ने और सभी के साथ मिलकर कार्य करने की जरूरत है।
हर सदस्य का योगदान महत्वपूर्ण :
कार्यक्रम का संचालन प्रो. डॉ. सुनीता मंडल ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संस्था को मजबूत और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में प्रत्येक सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी सदस्यों से संस्था के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की।
बताया गया कि हिन्दी साहित्य भारती वर्तमान में 37 देशों में कार्य कर रही है। संस्था का मूल मंत्र है – “मानव बन जाए जग सारा, यही है संकल्प हमारा।”
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रो. डॉ. विक्रम साव, राज कुमार गुप्त, विनय प्रसाद, डॉ. दिव्या प्रसाद, सुमन साहा, सोनी कुमारी साव, कवि आलोक चौधरी, शिखा सिंह, भारती मिश्रा, आतिश कुमार राय, सुजाता साहा और उपदेश दोरजी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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