(कल्याण सिंह जी की 94वीं जन्म-जयंती 05 जनवरी 2026 पर विशेष आलेख) भारतीय राजनीति के युगपुरुष, श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ, कोमल हृदय संवेदनशील मनुष्य, वज्रबाहु राष्ट्र प्रहरी, भारत माता के सच्चे सपूत तथा भारतीय राजनीति में भगवान श्री रामचंद्र जी के हनुमान कहे जाने वाले हिन्दू हृदय सम्राट कल्याण सिंह उन विरल नेताओं में थे, जिन्होंने भारतीय राजनीति में अनेक ऐतिहासिक मिसालें प्रस्तुत कीं। उनका राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन सदैव निष्कलंक, सिद्धांत निष्ठ और प्रेरणास्पद रहा। कुशल प्रशासन, दृढ़ निर्णय क्षमता और जनहित के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की मिसालें तब तक दी जाती रहेंगी, जब तक यह संसार रहेगा। कल्याण सिंह ने राजनीति को सत्ता नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना और जमीन से जुड़कर ‘जनता के नेता’ के रूप में जन-जन के हृदय में अपनी अमिट छवि स्थापित की। वे बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों—सभी वर्गों में समान रूप से लोकप्रिय थे। देश का प्रत्येक हिन्दू युवा और बालक उन्हें अपना आदर्श मानता था। उनका व्यक्तित्व हिमालय के समान विराट, अडिग और तेजस्वी था। भारतीय राजनीति में वे स्नेह और सम्मान के साथ ‘बाबूजी’ के नाम से विख्यात रहे। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, राष्ट्रभक्ति और मूल्यों की राजनीति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हर परिस्थिति में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। भारतीय राजनीति और समाज के लिए उनका योगदान युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बना रहेगा। हिन्दू हृदय सम्राट कल्याण सिंह का नाम इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में सदैव अमर रहेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी सन् 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ जनपद की अतरौली तहसील के मढ़ौली ग्राम के एक सामान्य किसान परिवार में हुआ। कल्याण सिंह के पिता का नाम तेजपाल सिंह … Read more