व्यंग्य; चलो प्रिय चांद पर चले
शरद पूर्णिमा का चांद, क्या यह सिर्फ कवियों, प्रेमी प्रेमिका, लेखकों, खगोलविदों के ही काम आएगा? देखो सोलह कलाओं से युक्त शरद पूर्णिमा का चांद गगन मंडल में कितना सुशोभित लग रहा है। क्या यह सिर्फ कवियों, प्रेमी प्रेमिका, लेखकों, खगोलविदों के ही काम आएगा? नहीं -नहीं यह भ्रम है आपका, अगला नंबर किसी और … Read more