घुमंतु परिवारों के आवास और निवेश परियोजना को मिली स्वीकृत
शहरी सेवा शिविर के दौरान नारेली में घुमंतु एवं अर्धघुमंतु परिवारों के लिए निःशुल्क आवासीय योजना को मिली स्वीकृति
खोड़ा-किशनगढ़ में फार्म हाउस एवं रिसोर्ट परियोजना का लेआउट भी हुआ मंजूर
अजमेर, 10 जुलाई। राजस्थान सरकार के निर्देशन में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) की भवन निर्माण मानचित्र समिति की बैठक में जनकल्याण, सामाजिक समावेशन तथा नियोजित शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समिति ने नारेली क्षेत्र में घुमंतु एवं अर्धघुमंतु परिवारों के लिए विकसित की जा रही निःशुल्क आवासीय योजना तथा खोड़ा-किशनगढ़ स्थित फार्म हाउस एवं रिसोर्ट परियोजना के लेआउट प्लान को स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में नारेली क्षेत्र की लगभग 3.90 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होने वाली आवासीय योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत 50 वर्गगज के 263 आवासीय भूखंड तथा 25 अनौपचारिक (इन्फॉर्मल) दुकानों सहित कुल 288 भूखंड विकसित किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत पात्र घुमंतु एवं अर्धघुमंतु परिवारों को आवासीय भूखंड निःशुल्क आवंटित किए जाएंगे। लंबे समय से स्थायी आवास की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों के लिए यह निर्णय सम्मानजनक एवं स्थायी जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समिति ने इसके साथ ही खोड़ा, किशनगढ़ स्थित निजी योजना के अंतर्गत प्रस्तावित फार्म हाउस एवं रिसोर्ट परियोजना के लेआउट प्लान को भी स्वीकृति प्रदान की। लगभग 41.50 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में 73 फार्म हाउस भूखंड, 9 रिसोर्ट भूखंड तथा 15 इन्फॉर्मल दुकानों के भूखंड विकसित किए जाएंगे। इनका निस्तारण ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन, निजी निवेश, रोजगार के अवसर तथा आधुनिक अधोसंरचना विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
एडीए आयुक्त नित्या के. ने बताया कि दोनों योजनाओं के लेआउट स्वीकृत होने के बाद अब उनका पंजीयन राजस्थान रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में कराया जाएगा। पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र लाभार्थियों के लिए आवंटन तथा परियोजना के भूखंडों की ई-नीलामी की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक ओर नारेली योजना घुमंतु एवं अर्धघुमंतु परिवारों के स्थायी पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी, वहीं दूसरी ओर खोड़ा-किशनगढ़ की परियोजना निवेश, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शहरी सेवा शिविर-2026 के माध्यम से अजमेर विकास प्राधिकरण जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को शिविर के दौरान 116 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया, जिससे राज्य सरकार की त्वरित कार्यवाही, प्रभावी सेवा वितरण और नियोजित शहरी विकास की प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली।