गुरु कृपा निःशब्द होती है!
गुरु यानि ज्ञान की चेतना। कृपा अर्थात अनुग्रह। इस तरह गुरु तथा शिष्य के अज्ञान को मिटा देने की कृपा। मुरीद के हृदय में ज्ञान चेतना का उदय कर देने की कृपा। तो गुरु जब हमें अपने ही आत्मा का बोध करा देता है, तब उसे गुरु कृपा कहते हैं। हमें अंतस्थ ईश्वर के दर्शन … Read more