हेरोइन ने छीना पाकिस्तानी मालगाड़ी का ‘सुहाग’

punjab-traders-stops-to-take-cement-from-pak-goods-trainअमृतसर। पाकिस्तानी सीमेंट जो पाकिस्तानी मालगाड़ी का ‘सुहाग’ माना जाता था, उसे पड़ोसी देश से आने वाली हेरोइन ने छीन लिया है। वर्ष 2012 में पाकिस्तानी मालगाड़ी में पांच बार पकड़ी गई हेरोइन की खेप से मालगाड़ी में सीमेंट आना करीब-करीब बंद हो गया है।

पंजाब के व्यापारियों ने मालगाड़ी से सीमेंट मंगवाने से तौबा कर ली है। इसके चलते दूसरे राज्यों में सीधे अटारी बार्डर से पाकिस्तानी सीमेंट ट्रकों द्वारा भेजा जा रहा है। इससे दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व गुजरात जाने वाले पाकिस्तानी सीमेंट पर रेलवे की अपेक्षा भाड़ा अधिक पड़ रहा है। इस समय अटारी बार्डर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के माध्यम से रोजाना 50-100 ट्रक सीमेंट आ रहा है। अटारी बार्डर से ही पाकिस्तानी सीमेंट दूसरे राज्यों में ट्रकों के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। इससे पहले 2012 तक एक दिन में दो-दो बार सीमेंट से लदी पाकिस्तानी मालगाड़ी भारत पहुंचती थी। इसी साल पाकिस्तानी मालगाड़ी में पांच बार हेरोइन की खेप पहुंची। कुल 150 किलोग्राम हेरोइन अमृतसर रेल कार्गो में पकड़ी गई। इसके बाद से ही सीमेंट मंगवाने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया। व्यापारियों ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि वे या तो पाकिस्तानी सीमेंट बेचना बंद कर देंगे या फिर रेल से सीमेंट नहीं मंगवाएंगे। इस निर्णय के बाद कई बैठकें व्यापारियों एवं सीमा शुल्क विभाग के बीच हुई। सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इस मामले को लेकर दिल्ली तक आवाज पहुंचाई।

बड़े सीमेंट व्यापारी सरबजीत सिंह के मुताबिक, कि हेरोइन मिलने के बाद से इक्का-दुक्का व्यापारी ही मालगाड़ी से कभी-कभी सीमेंट मंगवा रहे हैं। यह मात्र केवल 10 प्रतिशत के करीब है। शुक्रवार को ही पाकिस्तान से आई मालगाड़ी के तीन डिब्बों में सीमेंट लोड होकर आया।

मृतसर चैंबर ऑफ कामर्स के महासचिव राजेश सेतिया के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ अमृतसर के व्यापारियों को रेल माध्यम से व्यापार करना महंगा पड़ता है। वहीं, अटारी बार्डर से ट्रकों के माध्यम से यह काफी सस्ता पड़ता है। यही वजह है कि रेल व्यापार अब धीरे-धीरे सड़क मार्ग पर शिफ्ट होता जा रहा है।

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