आइगेट के बोर्ड से भी हटाए गए फणीश मूर्ति

phaneesh-murthyनई दिल्ली। अमेरिकी आउटसोर्सिग फर्म आइगेट ने अपने पूर्व सीईओ फणीश मूर्ति को कंपनी के निदेशक मंडल से भी हटा दिया है। कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया है। मूर्ति को पिछले महीने महिला सहकर्मी के साथ यौन संबंधों की जानकारी नहीं देने के आरोप में सीईओ और प्रेसीडेंट पद से बर्खास्त कर दिया गया था। अब बोर्ड से उनकी रवानगी का फैसला भी शुक्रवार से ही लागू कर दिया गया है।

अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी को दी जानकारी में आइगेट ने कहा कि यह फैसला लागू होने से मूर्ति अब निदेशक मंडल की किसी समिति के किसी भी पद पर नहीं रहेंगे। मूर्ति को कंपनी के कामकाज या किसी मामले पर असहमति के कारण नहीं हटाया गया है। उन्हें आइगेट की नीति के उल्लंघन और बोर्ड का भरोसा तोड़ने के कारण शेयरधारकों ने उन्हें पद से हटाया जाना कंपनी के हित में माना है।

मूर्ति पर एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि, कंपनी ने अपनी जांच में यौन उत्पीड़न की शिकायत को सही नहीं पाया। मगर उन्हें इस महिला से संबंधों की जानकारी पहले से न देने के चलते सीईओ पद से बाहर का रास्ता दिखाया गया। आइगेट की नीति के तहत अगर किसी पुरुष कर्मचारी के किसी महिला कर्मचारी से संबंध हैं तो इसकी जानकारी देना अनिवार्य है।

फणीश पर इससे पहले भी यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। तब वे भारत की दूसरी सबसे बड़ी आइटी कंपनी इंफोसिस के अमेरिकी कार्यालय में तैनात थे। इस आरोप में इंफोसिस ने वर्ष 2004 में उन्हें बाहर कर दिया था। साथ ही आरोप लगाने वाली महिला कर्मचारी के साथ मामला खत्म करने के लिए भारी भरकम हर्जाना देकर अदालत के बाहर समझौता करना पड़ा था। इससे पहले देश के आइटी क्षेत्र में फणीश की छवि एक अच्छे प्रोफेशनल लीडर की रही थी।

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