जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री 1008 आदिनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव सम्पन्न
श्री जी निकले रथ पर सवार होकर, जगह-जगह किया व्यापारी बन्धुओं ने स्वागत प्राणी अपने भावों के अनुसार अपने संसार का निर्माण करता है और अपने भावों के अनुसार ही संसार को नष्ट करता है- श्री 108 विकसंतसागर जी महाराज आज दिनांक 12 मार्च – जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री 1008 आदिनाथ जन्म … Read more