मैं अजमेरीलाल हूं

यूं तो अजमेर में रहने वाला हर आदमी अजमेरीलाल है। अजमेर का लाल है, मगर असल में अजमेरीलाल एक व्यक्तित्व है। एक करेक्टर है। एक चरित्र है। अनूठा, विलक्षण। मेरे जैसा अजमेर के अलावा दुनिया में कहीं नहीं। मैं समझदार भी हूं, झक्की भी हूं। सहनशीलता की पराकाश्ठा में जीता हूं। प्रषासनिक असफलताओं को सहन … Read more

इसे कहते हैं लोकप्रियता

दैनिक भास्कर के 25 फरवरी 2025 के अंक में देखा कि एक साथ एक ही शख्स के प्रति ढेर सारे श्रद्धांजलि संदेष छपे हैं। चकित रह गया। मैने अपनी समझ में आज तक ऐसा साथ इतने लोगों की ओर से श्रद्धांजलि संदेश नहीं देखे। वह भी पांचवी पुण्यतिथि पर। निश्चित ही वे बहुत लोकप्रिय हैं। … Read more

125 साल पहले बना था अजमेर का गांधी भवन

अजमेर में स्थित गांधी भवन प्रसिद्ध स्मारक है। गांधी भवन 125 साल पहले ट्रैवर टाउन हॉल के नाम से बनवाया गया था! बताया जाता है कि 1895 ई. से 1900 ई. के बीच अजमेर मेरवाड़ा के चीफ कमिश्नर जी एच ट्रेवर की याद में गांधी भवन का निर्माण करवाया गया था। उस वक्त उसका नाम … Read more

जिंदादिल पुलिस अधिकारी श्री बलराज खोसला नहीं रहे

रिटायर्ड पुलिस उप अधीक्षक श्री बलराज सिंह खोसला पुत्र स्वर्गीय श्री दीवान सिंह खोसला का रविवार, 16 फरवरी को निधन हो गया। उनकी गिनती ईमानदार पुलिस अधिकारियों में तो होती ही थी, वे एक प्रखर बुद्धिजीवी भी थे। बहुत जिंदादिल व ऊर्जावान इंसान थे। चेहरे पर स्मित मुस्कान उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। तनिक विनोदपूर्ण … Read more

सिंधी पत्रकारिता के स्तम्भ श्री हरीश वरियानी नहीं रहे

देश में सिंधी पत्रकारिता जगत के जाने-माने हस्ताक्षर श्री हरीश वरियानी का रविवार, 16 फरवरी 2025 को निधन हो गया। सिंधी भाषा, साहित्य व संस्कृति के संरक्षण व संवर्द्धन में उनका अमूल्य योगदान रहा है। वे सिंधी भाषा के दैनिक हिंदू के संपादक थे। सिंधी भाषा का दैनिक अखबार प्रकाशित करना बेहद कठिन था, मगर … Read more

प्रथम राजा अजयपाल का स्मारक क्यों नहीं बनाया?

अजमेर के सुपरिचित बुद्धिजीवी श्री नारायण सिंह ने अजमेर के प्रथम राजा अजयपाल का स्मारक बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने सवाल किया है कि अजमेर के नेता राजा अजयपाल का स्मारक बनाना क्यों भूल गये? क्या अजमेर के नेताओं को अजमेर के प्रथम राजा अजयपाल से अनुराग नहीं है? ज्ञातव्य है कि पिछले कुछ … Read more

औंकारसिंह लखावत सिंधी हैं?

औंकारसिंह लखावत सिंधी हैं? आपको यह जानकर निश्चित ही आश्चर्य होगा कि राजस्थान पुरा धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत मूलतः सिंधी हैं। यह तथ्य किसी अन्य ने नहीं, अपितु स्वयं लखावत ने उद्घाटित किया। इतना ही नहीं उन्होंने खुद के सिंधी होने पर गर्व भी अभिव्यक्त किया। दरअसल स्वामी न्यूज के एमडी कंवलप्रकाश … Read more

ढ़ाई प्याला शराब पीती है देवी मां

ये सुनी-सुनाई बात नहीं। आंखों देखी है। काली माता की एक मूर्ति ढ़ाई प्याला शराब पीती है। यह नागौर जिले में मुख्यालय से 105 किलोमीटर दूर, रियां तहसील में, मेड़ता से जैतारण जाने वाले मार्ग पर स्थित गांव भंवाल के एक मंदिर में है। इसकी गिनती राजस्थान के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में होती है। इसकी बहुत … Read more

प्रखर साहित्यकार हैं श्री मंगलसेन सिंगला

रेलवे में राजभाषा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त अधिकारी मंगलसेन सिंगला अंग्रेजी के साथ-साथ साहित्यिक हिंदी के विद्वान एवं समालोचक हैं। हिंदी भाषा के मूर्धन्य विद्वान हैं। हिंदी के अतिरिक्त अंग्रजी पर भी उनकी गहरी पकड है। वे कुछ समय तक दैनिक न्याय में अनुवादक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे स्वभाव से … Read more

भूख भी एक यज्ञ है, समय पर आहुति दीजिए

बात तकरीबन 1990 की है। दैनिक न्याय में एक लेख प्रकाशित होने पर तत्कालीन प्रबंध संपादक स्वर्गीय श्री विश्वविभूति विदेह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। जैसा कि अखबार मालिकों के साथ कई बार हो जाता है। पुलिस उन्हें हिरासत में लेने को आई। शाम कोई सात बजे का समय था। हालांकि अखबार जगत के लिए … Read more

अजमेर के वजूद में है रेलवे का अहम किरदार

माना जाता है कि अजमेर का वजूद दरगाह, पुष्कर और कुछ राज्य स्तरीय दफ्तरों के साथ रेलवे की वजह से है। इनके सिवाय अजमेर कुछ भी नहीं। उसमें भी यहां की अर्थव्यवस्था का एक केन्द्र यदि रेलवे को कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। रेलवे में काम कर रहे तकरीबन दस हजार कर्मचारियों का … Read more

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