आजादी के बाद अजमेर के पहले कांग्रेस अध्यक्ष थे स्व श्री जीतमल लूनिया

अजमेर में 15 नवम्बर, 1905 को जन्मे श्री जीतमल लूनिया ने एम.ए. तक शिक्षा अर्जित की। वे सन् 1914 में इंदौर गए और स्वर्गीय श्री हरिभाऊ उपाध्याय के साथ मिल कर मालवा मयूर नामक मासिक पत्र का प्रकाशन शुरू किया। सन् 1916 में हिंदी साहित्य मंदिर की स्थापना की। सन् 1922 में उसका कार्यालय बनारस … Read more

नाम पहले भी बदले जाते रहे हैं

आज जब विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के निर्देश पर खादिम टूरिस्ट बैंग्लो का नाम अजयमेरू के नाम पर कर दिया गया है, फॉय सागर का नाम वरूण सागर किया जा रहा है, किंग एडवर्ड मेमोरियल का नाम ऋषि दयानंद के नाम पर करने की कवायद हो रही है तो ख्याल आता है, ऐसा पहली … Read more

जब नरसिंह राव को काले झंडे दिखाने को आमादा थे पत्रकार

अजमेर के पत्रकार जागरूक व तेज तर्रार रहे हैं। कई मामलों में ज्वलंत विषयों पर खोजपूर्ण पत्रकारिता इनकी पहचान रही है। लंबी फेहरिश्त है। अजमेर दुनिया में सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल है। यहां आए दिन दरगाह शरीफ व तीर्थराज पुष्कर में वीवीआई का आगमन होता है। उसका कवरेज पूरी गंभीरता से करते हैं। एक बार … Read more

अदिति मेहता पर था शेखावत का वरदहस्त

अजमेर में अब तक के कलेक्टर्स में श्रीमती अदिति मेहता की गिनती सर्वाधिक बिंदास व एनर्जेटिक अफसरों में होती है। उन्हीं के कार्यकाल में अजमेर जिला पूरे उत्तर भारत में अकेला संपूर्ण साक्षर जिला घोषित हुआ। जैसे आज शहर में अतिक्रमण व अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रवैये के लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ख्याति … Read more

*एडीए और अधूरी आस*

*रमेश टेहलानी ब्लॉग* अजय और उसकी पत्नी काव्या ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण की नीलामी में एक प्लॉट खरीदा। बाजार भाव से अधिक कीमत पर प्लॉट खरीदते समय उन्हें उम्मीद थी कि यह निवेश उनके सपनों का घर बनाने में मदद करेगा। प्राधिकरण ने वादा किया था कि क्षेत्र … Read more

अजमेर में अग्रणी ब्लॉगर हैं डॉ राजेन्द्र तेला

अजमेर में टच स्क्रीन मोबाइल फोन के चलन के बाद अनेक पत्रकार ब्लॉगिंग कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने ब्लॉग साझा कर रहे हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब ब्लॉग पीसी पर ही देखे जा सकते थे। बात 2010 के आसपास की है। अजमेर के जाने-माने दंत चिकित्सक डॉ राजेन्द्र तेला … Read more

शख्सियत: सर्वश्रेष्ठ जनसंपर्क अधिकारी रहे हैं श्री प्यारे मोहन त्रिपाठी

अखबारों में पत्रकारिता से अपना कैरियर शुरू कर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक पद सेवानिवृत्त हुए श्री प्यारे मोहन त्रिपाठी ने सर्वश्रेष्ठ जनसंपर्क अधिकारी के रूप में पूरे प्रदेश में नाम कमाया है। वे अपने मधुर व्यवहार व सहयोगी प्रवृत्ति के कारण लोकप्रिय रहे और योग्यता के दम पर कांग्रेस व भाजपा, दोनों … Read more

आईटी पार्क और अजमेर में निवेश की संभावनाएं

अजमेर के माकड़वाली क्षेत्र में प्रस्तावित आईटी पार्क ने शहर के विकास की नई संभावनाओं को जन्म दिया है। इस परियोजना में विप्रो, टीसीएस और अडानी जैसी शीर्ष कंपनियों को लाने की योजना है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा मिलेगा। आईटी पार्क का प्रभाव केवल माकड़वाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि … Read more

मौजूदा सृष्टि की रचना से पहले भी पुष्कर मौजूद था?

हाल ही ब्रह्माजी के बारे में अजमेरनामा डॉट कॉम में प्रकाशित जानकारी पर अजमेर के सुपरिचित बुद्धिजीवी श्री रमेश टेहलानी ने प्रतिक्रिया में कुछ सवाल उठाए। उनका कहना है कि अगर ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना पुष्कर में की, तो यह प्रश्न उठता है कि पुष्कर क्या सृष्टि से पहले मौजूद था? अगर पुष्कर … Read more

नेता व अफसरों के बीच गहरा अंतर्संबंध

हाल ही वरिष्ठ पत्रकार श्री ओम माथुर ने अपनी बेकद्री के जिम्मेदार अफसर खुद भी हैं शीर्षक से ब्लॉग लिखा है। उनके अनुसार अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने अथवा पीटने की चेतावनी देने के लिए सिर्फ नेताओं की मनमानी या अंहकार ही जिम्मेदार नहीं है, अफसर भी बराबर के दोषी है। मनचाही नियुक्तियों … Read more

जगतपिता ब्रह्माजी के कई मंदिर हैं

शास्त्रानुसार अब तक स्थापित तथ्य यह है कि जगतपिता ब्रह्माजी का एक ही मंदिर तीर्थराज पुष्कर में स्थित है। ऐसा सावित्री माता के श्राप के कारण है। इस सिलसिले में अजमेरनामा डॉट कॉम न्यूज पोर्टल में एक आलेख साझा करने पर अनेक प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिनसे यह ज्ञात होता है कि कई अन्य जगहों पर … Read more

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