हारने के बाद सचिन पायलट की भूमिका क्या होगी?

अजमेर संसदीय क्षेत्र से हारने के साथ प्रदेश की सभी 25 सीटों पर कांग्रेस की करारी हार के बाद अब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की क्या भूमिका रहेगी? क्या उन्हीं के नेतृत्व में प्रदेश की कांग्रेस को नया अध्याय शुरू करने का मौका मिलेगा या फिर किसी और … Read more

क्या अजमेर के भी अच्छे दिन आएंगे?

देश भर में चली मोदी सुनामी लहर के चलते अजमेर सहित राजस्थान की सभी सीटों पर भाजपा की जीत के बाद अच्छे दिन आने वाले हैं का नारा अजमेर में भी फलित होगा, इस पर हर अजमेर वासी की नजर है। समझा जा सकता है कि अजमेर के अच्छे दिन तभी आ सकते हैं, जबकि … Read more

राजस्थान में कौन से कांग्रेसी नेताओं के जीतने की संभावना?

अधिकतर समाचार चैनलों पर एग्जिट पोल में मोदी लहर से भाजपा वाली एनडीए सरकार बनती नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस को भारी नुकसान होता नजर आ रहा है। इसी प्रकार अधिसंख्य सर्वे यही खुलासा कर रहे हैं कि राजस्थान में भी मोदी लहर चली है और इसी के चलते भाजपा को कुल 25 में … Read more

पुरामहत्व का तो है ही केईएम

किंग एडवर्ड मेमोरियल के मालिकाना हक को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। इस पर अभी जिला प्रशासन का कब्जा है, जबकि नगर निगम का कहना रहा है कि यह उसकी संपत्ति है। इसके पीछे उसका तर्क ये है कि उसने यह संपत्ति सराय के लिए लीज पर दी … Read more

राज बदल गया, मगर काज नहीं बदला

अरांई। प्रदेश में नई सरकार को सत्ता सुख भोगते हुए चार माह बीत जाने के बाद भी सरकारी कार्यालयों में काम करने के अंदाज की स्थिति जैसी की तैसी है। आम आदमी के काम काज ज्यों के त्यों अटके पडे है। न कोई सुनने वाला है न कोई समस्या समझने की जरूरत रख रहा है। … Read more

चंद खादिमों की हरकतें बनेंगी सारे खादिमों पर सख्ती का सबब

महान सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में बम ब्लास्ट की घटना के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का दावा खादिमों के झगड़े में चले हथियारों ने खारिज कर दिया है। दरगाह परिसर में खुले आम तलवारें, चाकू और अन्य हथियारों से हमले की घटना ने मेटल डिटेक्टर और लगेज स्कैनर की व्यवस्था पर … Read more

ऑफिस के जुगाड़ में टोंक भाजपा…!

पिछले साल विधानसभा चुनाव में 163 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज कर सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी के टोंक जिले में पदाधिकारी तो हैं…लेकिन यहां बीजेपी का कोई ऑफिस नहीं है। इसके चलते बीजेपी पदाधिकारियों यहां संगठन के रोजमर्रा के काम अपने घर पर ही निपटाते हैं…और बैठकों के लिए धार्मिक स्थलों पर जगह … Read more

अनेक समाचार पत्रों के जनक नारायण दास सिंधी नहीं रहे

अजमेर ने एक ऐसे वरिष्ठ पत्रकार को खो दिया है, जिन्हें यदि अनेक समाचार पत्रों का जनक कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उनका दूसरा परिचय है ऐसे शख्स के रूप में, जिन्होंने लोकसभा व विधानसभा के अनेक चुनाव निर्दलीय रूप से लड़े, महज शौक की खातिर। शायद उनकी इच्छा थी कि सर्वाधिक चुनाव … Read more

भाजपाई कर रहे हैं दमदार दावा, बेउम्मीद कांग्रेसी भी नहीं

अजमेर संसदीय क्षेत्र के लिए हुए मतदान के बाद एक ओर जहां भाजपाइयों को उनके उम्मीदवार प्रो. सांवरलाल जाट की जीत का पक्का विश्वास है, और वह भी भारी मतांतर से, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सचिन पायलट के समर्थक कुछ समीकरणों को गिनाते हुए उनकी जीत के प्रति उम्मीद पाले हुए हैं। हालांकि मोटे तौर पर … Read more

ऐन उर्स के मौके पर तोगडिय़ा ने उगली आग

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगडिय़ा ने एक बार फिर हंगामा खड़ा करने के लिए सांप्रदायिक सौहार्द्र की नगरी अजमेर को चुना है। इससे पहले कांग्रेस शासन काल में भी उन्होंने त्रिशूल दीक्षा के जरिए पूरे राजस्थान में भगवाकरण का बिगुल बजाने की कोशिश की थी, मगर तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत … Read more

बारहदरी का ताला तोड़ा गया, जिम्मेदार कौन?

युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों ने आखिरकार दौलतबाग और बारहदरी को जोडने वाले रास्ते पर लगे गेट का ताला तोड़ दिया। बेशक इसे कानून हाथ में लेना ही कहा जाएगा, जो कि गलत कृत्य है, मगर सवाल ये उठता है कि आखिर यह नौबत क्यों आई? और इसके लिए वास्तविक जिम्मेदार कौन है? ज्ञातव्य है कि … Read more

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