किताब की कमाई चैरिटी (दान) में देने का फैसला
—अमित टंडन— प्रिय दोस्तों, 30 सितम्बर को मेरे ग़ज़ल संग्रह “अभी ख़्वाब ज़िन्दा हैं” का विमोचन संपन्न हुआ। आज जब साहित्य और काव्य खरीद कर पढ़ने का चलन लगभग खत्म हो चला है, ऐसे में ये उम्मीद तो नहीं करता के मेरी क़िताब बाज़ार में अच्छा व्यवसाय करेगी। एक कारण ये भी है कि धीरे … Read more