पोल खुलने से घबराया इंडिया टीवी नक़वी जी पर उलटवार कर रहा

–मुकेश कुमार- क़मर वहीद नक़वी जी के इंडिया टीवी छोड़ने का असली कारण क्या हैं ये उनको पता है या फिर उनके निकट के लोगों को। उन्होंने आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं लिखा-कहा है, इसलिए लोग कयास लगाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने तो अपने इस्तीफ़े में भी शायद कोई कारण नहीं बताया है। अलबत्ता … Read more

भाजपा की ‘लहर’ बना रहा मीडिया

-अंबरीश कुमार- लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा की बढ़त को मीडिया लहर में तब्दील कर रहा है। इसका मनोवैज्ञानिक असर पड़ने लगा है और भगवा ब्रिगेड बम बम है। मीडिया का एक बड़ा हिस्सा भाजपा के पक्ष में उसी तरह गोलबंद हो रहा है जैसे मंदिर आन्दोलन के समय हुआ था। तथ्य से हटकर भावनाओं में बहकर खबरे … Read more

समाचार वक्ता या राजनीतिक प्रवक्ता

पिछले कई दिनों से लगातार टी.वी.चैनल्स चुनावी ख़बर परोस रहे हैं। ये कोई बड़ी बात नहीं है। बड़ी खबर ये है कि वोटों के ध्रुवीकरण की तर्ज़ पर अब न्यूज़ चैनल्स का भी ध्रुवीकरण हो चला है, जिसका विशुद्ध पैमाना आर्थिक लें-दें है। अपनी-अपनी “सरंक्षक” पार्टियों के प्रति “वफादारी” का परिचय ये चैनल्स खुल कर … Read more

बदहाली को मारो गोली …!!

-तारकेश कुमार ओझा- लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान सैकड़ों सवाल – जवाब  परिदृश्य पर मंडराते रहे। लेकिन हिंदी पट्टी की बदहाली का सवाल अनुत्तरित ही रहा। बुंदेलखंड में किसानों की बदहाली व आत्महत्या तथा पूर्वांचल से रोजगार की तलाश में लोगों के अनवरत पलायन से यह उम्मीद बंधी थी कि कम से कम संबंधित राज्यों में … Read more

कांग्रेस ने मोदी के खिलाफ बनाई ‘आपात’ रणनीति!

नौ में से चार चरणों का मतदान हो गया है। इस दौरान चुनावी रुझान को देखकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने लिए बड़ा खतरा भांप लिया है। 10 अप्रैल को तीसरे चरण के चुनाव में 14 राज्यों की 91 सीटों पर मतदान हुआ। इस दौरान जिस तरह से ज्यादातर चुनाव क्षेत्रों में मोदी मुहिम … Read more

मोदी से ये सवाल क्यों नहीं पूछ पाए रजत शर्मा?

रजत शर्मा के शो में नरेन्द्र मोदी का इंटरव्यू हुआ. रजत शर्मा अपने को मानते तो बड़ा पत्रकार हैं पर वे मोदी से ये सवाल पूछने की हिम्मत क्यों नहीं कर पाए… सवालों की लिस्ट यूं है… – सौरभ पटेल जो अम्बानी का दामाद है उसे आपने तेल और ऊर्जा मंत्री क्यों बनाया? -सत्ता में … Read more

मोदी ने परित्यक्ता बनाया, लोगों ने द्रौपदी!

वह कहते रहे, चीखते और चिग्घाड़ते रह गए कि देश नहीं झुकने दूंगा! पर देश तो जनाब ने झुका दिया! और खुद भी झुक गए। देश नहीं झुकने की सौगंध खारी हो गई है। अब जो मंजर सामने है उसे देख लगता है जैसे रामायण, महाभारत और बुद्ध तीनों ही समय की स्त्री हमारे सामने … Read more

केजरीवाल ने राजनीति को बदलने का साहसिक प्रयास तो किया ही

–रवीश कुमार- हार जायें या हवा हो जायें या जीत जायें। इन तीनों स्थितियों को छोड़ दें तो अरविंद केजरीवाल ने राजनीति को बदलने का साहसिक प्रयास तो किया ही। हममें से कई राजनीतिक व्यवस्था को लेकर मलाल करते रहते हैं लेकिन अरविंद ने कुछ कर के देखने का प्रयास किया। कुछ हज़ार लोगों को प्रेरित … Read more

अब मोदी के खिलाफ बुद्धिजीवियों का प्रलाप

–संजय द्विवेदी– देश के तमाम जाने- माने बुद्धिजीवियों ने एक दिल्ली में 7 अप्रैल को प्रेस क्लब आफ इंडिया की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में न सिर्फ भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को जी-भर कर कोसा वरन एक साझा बयान पर हस्ताक्षर भी किए (जनसत्ता, 8 अप्रैल,2014)। भारतीय बुद्धिजीवियों की यह लीला … Read more

मुद्दा वही जो वोट दिलाए …!!

-तारकेश कुमार ओझा- भाजपा के साथ केंद्ग में राजसुख भोग चुके अजीत सिंह यदि नरेन्द्र मोदी को समंदर में फेंकने की बात करते हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महज सात प्रशासनिक अधिकारयों के तबादले से बिफर कर चुनाव आयोग से टकराव मोल लेती है और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खान यदि  कारगिल … Read more

सारी लहर केवल मीडिया तथा बिके हुए बुद्धिजीवियों की बहसों तक सीमित

–वीरेन्द्र जैन – हमारी व्यवस्था में किसी क्षेत्र के चुनाव परिणाम क्षेत्र विशेष में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के बीच सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले को जीता हुआ दिखाते हैं। इन बहुदलीय चुनावों में कई उम्मीदवार कुल बीस प्रतिशत मत पाकर भी जीत जाते हैं और कई 40 प्रतिशत मत पाकर भी हार जाते हैं। इसके … Read more

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