जी एस टी @48%

जी हाँ सरकार का एक विभाग शायद अपनी ही जी एस टी चला रहा है उसे केंद्र सरकार के अधिकतम 28% जी एस टी से कोई मतलब नही है वो अपनी मर्जी से 48% जी एस टी ले रहा है और बाकायदा इसकी रसीद भी दी जा रही है , राजस्थान सरकार के सरकारी स्टेट … Read more

भ्रष्टाचार को पोषित करने का फरमान क्यों?

भ्रष्टाचार की खबर छापने तक पर रोक लगाने के राजस्थान सरकार के नये कानून ने न केवल लोकतंत्र की बुनियाद को ही हिला दिया है बल्कि चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के इस वादे की भी धज्जियां उडा दी है जिसमें सुशासन एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिये हरसंभव प्रयत्न का संकल्प व्यक्त किया … Read more

काले कानून की वसुंधरा राजे को जरूरत क्यों पड़ी ?

आखिर इस काले कानून की वसुंधरा राजे को जरूरत क्यों पड़ी ? यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है यह बात तब से प्रारम्भ हुई जब आनन्दपाल एनकाउंटर की जांच और आनन्दपाल की हत्या का मुकदमा दर्ज कर के जांच सीबीआई से करवाने की उठी मगर सरकार अड़ी रही क्योकि इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री खुद … Read more

पत्रकारों पर लगाम लगाने का एक और असफल प्रयास

*मति मारी गई राजस्थान सरकार की* राज की मंशा में खोट दोस्तों, नमस्कार लगता है अब राजस्थान सरकार की भी मति मारी गई है। उसके मंत्रियों का भी दिमाग खराब हो गया है। तभी तो पत्रकारों की लेखनी पर लगाम लगाने और भ्रष्ट अफसरों को संरक्षण देने का असफल प्रयास किया जा रहा है। इससे … Read more

न्यूज चैनलों पर बहस का बवंडर

इन दिनों टेलीवीजन के न्यूज चैनलों पर बहस का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है। बिलकुल इसी तरह बढ रहा है, जिस तरह सरकारी दफ्तरों में हाथ गरम करने का क्रेज परवान चढ रहा है। यहीं कारण है कि इन चैनलों पर होने वाली बहस बड़ी गर्मागर्म होती है। जितनी बहस गर्म नहीं होती उससे … Read more

नौकरशाहों पर नकेल कसना भी जरूरी है

इन दिनों नौकरशाहों की कार्यशैली पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की टिप्पणियां सामने आ रही है, नौकरशाही पर इस तरह की टिप्पणियां कोई नई बात नहीं है, अधिकांश राजनीतिज्ञ उन पर टिप्पणियां करते आए हैं। प्रश्न राजनेताओं की टिप्पणियों का नहीं है, बल्कि प्रश्न नौकरशाहों के चरित्र का है, प्रश्न नैतिकता का है, प्रश्न … Read more

देश पर जीएसटी के काले साये से मोदी का जादू खत्म !

अभी उन बातों को अधिक समय नहीं बीता है जब देश की जनता राजनैतिक रैलियों में मोदी-मोदी चिल्लाती थी। जनता को आशा थी कि नरेन्द्र मोदी, समाज के निचले आर्थिक वर्ग से आए हैं, उन्होंने गरीबी तथा उसके दुःखों को निकट से देखा है, इसलिए वे देश की जनता को राहत पहुंचाएंगे। पिछली कांग्रेस सरकार … Read more

मनरेगा को धीमा जहर दे रही है सरकार

बाबूलाल नागा देश के लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई केंद्र सरकार अपने बहुमत के बूते महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को गारंटी से योजना की तरफ मोड़ रही है। मनरेगा के कानूनी प्रावधानों का बेरहमी से उल्लंघन किया जा रहा है। मनरेगा के अधिकारों का विस्तार करने की बजाय सरकार उनको सिकोड़ … Read more

क्या खत्म हो रहा है मोदी का जादू?

क्या है इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावी नतीजों का संकेत? इलाहाबाद (प्रदीप कुमार, बीबीसी संवाददाता)। देश के अधिकतर विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ चुनावों में लगातार हार का मुंह देख रहे भारतीय जनता पार्टी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी हार का मुंह देखना पड़ा है। समाजवादी पार्टी के छात्र … Read more

अच्छे दिनों का मायालोक एवं जीएसटी का काला जादू

कहा नहीं जा सकता कि विगत लोकसभा चुनावों में श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया नारा- ‘अच्छे दिन आएंगे’ से उनका क्या आशय था किंतु जैसे दिन आए हैं उनका कड़वा अनुभव मुझे अच्छी तरह हो रहा है। एक बैंक शाखा में हमारा पारिवारिक लॉकर है जिसके लिए इस सरकार के आने से पहले बैंक … Read more

क्या सती, सावित्री एवं सीता कमजोर स्त्रियों की प्रतीक हैं ?

‘‘सती, सावित्री, सीता और अनुसुइया भारतीय नारियों का गौरव हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर भारतीय नारियां हजारों वर्षों से एक सहज-सुलभ जीवन-पथ का अनुसरण करती आई हैं, इन पौराणिक नारी चरित्रों पर आघात करके देश की नारियों को दिग्भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास भारतीय नारियों को स्वीकार्य नहीं है।’’ हाल ही में 6 से 8 अक्टूबर … Read more

error: Content is protected !!