सावधान! कन्‍हैया निशाने पर हैं…

जन्‍माष्‍टमी को दो दिन बचे हैं और मथुरा के मंदिरों-घाटों-आश्रमों-गेस्‍ट हाउसों में भारी भीड़ है। इस भीड़ में अधिकांशत: पूर्वी प्रदेश के दर्शनार्थी ही हैं, इसके बाद क्रमश: अगले नंबरों पर पंजाब, दिल्‍ली, हरियाणा और राजस्थान व पश्‍चिम बंगाल के लोग आते हैं। हर बार की तरह इस बार भी शहर के वाशिदों को आशंका … Read more

दैहिक आकर्षण और भौतिक शोषण के बीच पिसते नारी तन-मन की मुक्ति कैसे होगी

हरियाणा के विकास बराला तथा उसके साथी ने कहा है कि वे वर्णिका का अपहरण नहीं करना चाहते थे, केवल उसे देखना चाहते थे क्योंकि वह भी विकास तथा उसके दोस्त आशीष को, अपनी कार में से देखती हुई निकली थी। हमारे पास दो विकल्प हैं, या तो विकास की बात सच मान ली जाए … Read more

इन मौतों का जिम्मेदार कौन

जिस देश मे नेताओं की आवभगत पर करोड़ों रुपए खर्च हो जाते हैं, उस देश में चंद पैसों के कारण ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाने की वजह से 60 बच्चों की मौत पूरे सिस्टम पर करारा तमाचा हैं और वो भी उत्तरप्रदेश के उस शहर गोरखपुर में, जो खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्षेत्र हैं। … Read more

हामिद अंसारी की अभिव्यक्ति पर गौर हो

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी जी ने दस वर्ष के कार्यकाल के अंतिम दिन राज्य सभा टी.वी.को दिये साक्षात्कार में संवेदनशील अभिव्यक्ति की स्वीकार्यता के माहौल का अभाव व मुस्लिमों में असुरक्षा की भावना की व्याप्ति ने बहस छेड़ दी जो आरोप प्रत्यारोप में उलझती प्रतीत हो रही हैं जब कि वस्तुत: आत्मनिरिक्षण, विश्लेषण , चितंन किया … Read more

रात भर मैं कानून बना देते हैं फिर बैठ कर रोते है ?

भारत मैं जैसे रोज संविधान मे संशोधन होते हैं , वैसे ही अब देश के कानून मैं भी होने लगे , कुल जमा खर्च चार या पांच कानून बनाये थे आजादी के बाद , उन पर भी कोई लोक सभा मैं बहस नहीं होती ये उसी का परिणाम है , बेचारा लार्ड मेकाले भी ऊपर … Read more

मोदी जी के नीति निर्माता भी बढ़ती बेरोजगारी से डरे, भागे अमरीका

जिनको मोदी जी ने देश के लिये नीति बनाने का जिम्मा दिया था वो भी लगता है देश में बढ़ती बेरोज़गारी से बुरी तरह डर गये तभी तो नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इस्तीफा दे दिया 65 साल की उम्र के इस पड़ाव में खुद के लिये उन्हें अमेरिका में सुरक्षित नौकरी तलाशनी … Read more

मोदी जी! कब सुनोगे ‘बेरोजगारों’ के मन की बात

बेरोजगारों को रोजगार का सपना दिखाकर भारी बहुमत से सत्ता में आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अच्छे दिन के वादे शिक्षित बेरोजगारों के लिये शेखचिल्ली के ख्वाब साबित हुए हैं। चपरासी की 5 पास नौकरी के लिये जहां एमबीए, बीटेक, एमटेक, ग्रेजुएट युवा लाइनों में लगे हुए हैं वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी … Read more

मोदी जी! कब सुनोगे ‘बेरोजगारों’ के मन की बात

बेरोजगारों को रोजगार का सपना दिखाकर भारी बहुमत से सत्ता में आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अच्छे दिन के वादे शिक्षित बेरोजगारों के लिये शेखचिल्ली के ख्वाब साबित हुए हैं। चपरासी की 5 पास नौकरी के लिये जहां एमबीए, बीटेक, एमटेक, ग्रेजुएट युवा लाइनों में लगे हुए हैं वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी … Read more

गुड़ियाएं कब तक नौंची जाएंगी?

हिमाचल की शांत, शालीन एवं संस्कृतिपरक वादियां गुड़िया के साथ हुए वीभत्स एवं दरिन्दगीपूर्ण कृत्य से न केवल अशांत है बल्कि कलंकित हुई है। एक बार फिर नारी अस्मिता एवं अस्तित्व को नौंचने वाली घटना ने शर्मसार किया है। देवभूमि भी धुंधली हुई है क्योंकि उस पवित्र माटी की गुड़िया जैसी महक को जब दरिन्दों … Read more

राजनीति की शतरंज पर नेता पुत्रों की बिछती बिसात

परिवारवाद के चलते कार्यकर्ताओं में कहीं खुशी कहीं गम उठते अंदरूनी विरोध के स्वरों में समय का इंतजार क्या दिल्ली का प्रयोग प्रदेश में भी करेगी भाजपा? डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव भोपाल/यह बात अलग है कि अभी लोकसभा,विधानसभा,नगरीय निकाय हों या फिर अन्य चुनाव होने में काफी समय बाकी है परन्तु नेता पुत्रों ने ताल ठोकना प्रारंभ … Read more

वसुन्धरा राजे कभी भी सामाजिक आन्दोलनों से निपटने में सफल नहीं रही

राजस्थान में राजे के कार्यकाल में जब भी कोई सामाजिक आन्दोलन हुआ तो राजे सदैव उससे निपटने में असफल रहीं, चाहे गुर्जर आन्दोलन हो, चाहे मीणा समाज का आन्दोलन हो या फिर रावला घडसाना हो, चाहे भरतपुर का जाट आन्दोलन हो, चाहे किसान आन्दोलन हो या मेवाड़ का आदिवासी आन्दोलन हो या जयपुर के राजघराने … Read more

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