उपभोक्ता को बर्बाद कर रही हे मोबाइल कंपनिया

इंटरनेट…इंटरनेट…इंटरनेट….. नाक में दम कर दिया हे इस मुए इंटरनेट ने यह गले की एक ऐसी हड्डी बन गई हे जिससे ना तो खाये बनता हे और ना ही उगलते । आज हम सब इसके आदि हो चुके हे हमारी जिंदगी का एक अहम् हिस्सा बन गया हे । चाहे जेब में चाय पिने के … Read more

रेलवे में व्याप्त भ्रष्टाचार एक वर्ष में क्यों नही रूका ?

रेल वाले कैसे खा रहे हैं और क्यों ? हम यह सवाल भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से यह पुंछना चाहते है कि भले ही भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार उन्हे विरासत में ही मिला हो । लेकिन यह सब उन्होनें गा बजा कर डंक्के की चोट पर अपने ५६ ईंच के सीने को ठोक … Read more

कस्टमर केयर की आड़ में हो रही है लूट

आज के इस आधुनिक भौतिक युग में सभी को सुख सुविधाओं के सामान बाजार से खरीदने पड़ते हैं, जैसे टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, पानी की मोटर, मिक्सी, जूसर होम थियेटर, वाटर प्यूरीफायर, मोबाइल, टेबलेट, लेपटोप, कम्प्यूटर आदि-आदि। हजारो घरेलू चीजें, जिन्हें कई बड़ी-बड़ी कंपनियां बेचती हैं और इन कम्पनियों द्वारा ग्राहकों की सुविधा के लिए … Read more

सरकार का एक वर्ष !

कुछ बुद्धि जीवियों को वर्तमान विपक्ष से शिकायत है कि विपक्ष मोदी सरकार के विकास के कार्यो के लिए लिए गए कानूनी प्रावधानों को संसद से पास होने में अडचन डाल रहे है । बुद्धिजीवी जब विपक्ष की आलोचना करते है तो उन्हे यह भी याद रखना चाहिए कि चुनाव के समय जो वायदे नरेन्द्र … Read more

भविष्यवाणी अगले प्रधानमंत्री की ?

यूँ तो हम कोई ज्योतिष विद्या के ज्ञाता तो है नहीं लेकिन परिस्थितियों के आधार पर हो रही घटनाक्रम के घटित होने भर से यह ज्ञात करने में कि अगली घटना क्या होगी हमको सब पता चल जाता है ॥जिस प्रकार एक कवि और कृषि के ज्ञाता (किसानी खेती के बहुत बडे ज्ञानी) “घाग” जो … Read more

क्या हम अच्छे दिनों की ओर अग्रसर हैं?

-बाबूलाल नागा- नरेंद्र मोदी सरकार अपने एक साल के कार्यकाल के ऐतिहासिक जश्न में डूबी हुई है। ‘वर्ष एक, काम अनेक’ के विलक्षण नारे से वातावरण गुंजायमान है। सबका साथ सबका विकास के संकल्प के साथ नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी तो इस 26 मई को … Read more

कर्नल बैंसला वार्ता में शामिल क्यों नहीं?

कर्नल बैंसला को वार्ता में क्यों नहीं बुलाया गया या कर्नल क्यों नहीं गए, इसमें क्या राज है या राजनीति है, इसे समझने की आवश्यकता है। कर्नल साहब मेडम वसुन्धरा की ही सृजन थे। गूजर राजनीति में एक छत्रप के रूप में वह उन्हें स्थापित करना चाहती थी। एक तो गूजरों की मेडम समधिन थी, … Read more

आरक्षण, आर्थिक पिछड़ेपन को आधार बनाया जाना चाहिए

गुर्जर आंदोलन, आम आदमी का क्या कसूर? राजस्थान में गुर्जर पाँच प्रतिशत आरक्षण की माँग को लेकर लंबे समय से पिछड़ी जाति का दर्जा पाने के लिए उग्र और हिंसक आंदोलन चला रहे हैं । जबकि यह मसला राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है। राजस्थान में आरक्षण क़ि मांग करने वाले गुर्जर नेता भी यह अच्छी … Read more

तो भविष्य में भाजपा का दिल्ली में चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है क्या?

मोदी सरकार ने दिल्ली सरकार के हाथ बांधकर, दिल्ली राज्य की सत्ता जनता की जगह षड्यंत्रकारी उपराज्यपाल के हाथों में सौंप दी है, जिसे खुद केंद्र चुनता और अपनी मरजी पर रखता-हटाता है। यह लोकतंत्र की बुनियादी भावना पर कुठाराघात है। यह मैं नहीं कह रहा, कानून के दिग्गज जानकर – मार्कंडेय काटजू, केके वेणुगोपाल, … Read more

मजीठिया वेतनमान पर पत्रकारों से ये सवाल पूछे जाएं तो दृढ़ता से जवाब देना चाहिए

1. क्या आप का प्रबंधक भारत सरकार की अधिसूचना पर, मजीठिया वेज बोर्ड अवार्ड के अनुसार वेतन का भुगतान कर रहा है? 2. क्या प्रबंधकों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश 07-02-2014 के बाद किसी प्रकार के बकाया धन राशि (अरिअर्स) का भुगतान किया है? 3. मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार आप का संस्थान किस राजस्व … Read more

सरकार और गुजरो के बिच फंसी जनता

आरक्षण का जिन्न एक बार फिर सर उठा रहा हे । राजस्थान में एक बार फिर गुजरो ने आरक्षण के लिए आंदोलन की राह पकड़ ली हे । जगह जगह रेल की पटरियों पे धरना देना और पटरियों को नुक्सान पहुचाना इनका अधिकार हो गया हे, वोट की लालची सरकार और प्रशासन लाचार नजर आ … Read more

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