तो सेलिब्रिटी को सांसद बनाते ही क्यों हैं?

जनता के बीच से चुने गए सांसदों का हाल भी बहुत अच्छा नहीं है इन दिनों क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और सुप्रसिद्ध अभिनेत्री रेखा के संसद में लगातार अनुपस्थित रहने को लेकर खासी गरमागरम बहस हो रही है। आप याद कीजिए कि जून 2012 में जब सचिन तेंदुलकर ने सांसद की … Read more

संविधान में अपरिभाषित है धर्मनिरपेक्षता

-प्रमोद भार्गव- गीता या रामायण के नैतिक मूल्यों और चारित्रिक शुचिता से जुड़े अंशों को जब भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात आती है तो वामपंथी दल व बुद्धिजीवी इन पहलों को लोकतंत्र के मूलभूत संवैधानिक धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के विरूद्ध बताने लगते हैं। यह सही है कि भारत का धर्मरिपेक्षस्वरूप भारतीय संविधान का बुनियादी आधार … Read more

फिर उठी पियंका गांधी को आगे लाने की मांग

-प्रेम शुक्ल- ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ जब कांग्रेस के भीतर प्रियंका लाओ कांग्रेस बचाओ का नारा लगा है। बीते दशक भर से कांग्रेस का एक वर्ग प्रियंका गांधी के राजनीति में सक्रिय होने की पैरवी कर रहा है। बीती सरकार के शासनकाल में जैसे-जैसे डॉ. मनमोहन सिंह की अलोकप्रियता में इजाफा हुआ उसके समानांतर … Read more

हिंदू धर्म और हिंदुत्व में दिन रात का फर्क है..

-शेष नारायण सिंह- हिंदू धर्म भारत का प्राचीन धर्म है. इसमें बहुत सारे संप्रदाय हैं. संप्रदायों को मानने वाला व्यक्ति अपने आपको हिंदू कहता है लेकिन हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है जिसका प्रतिपादन 1924 में वीडी सावरकर ने अपनी किताब ‘हिंदुत्व में किया था. सावरकर इटली के उदार राष्ट्रवादी चिंतक माजिनी से बहुत प्रभावित हुए थे. … Read more

कॉलेजियम सिस्टम पर सरकार और न्यायपालिका आमने-सामने

नई दिल्ली। क्या देश सरकार बनाम न्यायपालिका के संघर्ष के रास्ते पर चल पड़ा है? भले ही ऐसा कहना अभी जल्दबाजी हो और ऐसा सोचना न्यायसंगत न हो, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि सरकार और न्यायपालिका के बीच तनाव तो बढ़ ही रहा है। इस तनाव का नतीजा क्या होगा, … Read more

दिल्ली पर अमित शाह ही चुप्पी पर सवाल

क्या दिल्ली में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है या फिर वह चुनाव टालने की कोशिश में है? यह सवाल इसलिए खड़ा हुआ है, क्योंकि राजधानी में शनिवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में विधानसभा चुनाव का मसला आया तो चार राज्यों का तो जिक्र हुआ, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने दिल्ली पर … Read more

संघ को वोट दिया है या नरेन्द्र मोदी को?

– क़मर वहीद नक़वी – चौदह का चुनाव आशाओं और आशंकाओं के बीच एक युद्ध माना जा रहा था। आशंकाएँ तो हूबहू सही साबित होती दिख रही हैं, लेकिन आशाओं की जो छप्पन भोग थाली सजायी गयी थी, वह कहाँ है? और क्या देश उसी रास्ते चलेगा, जो संघ तय करेगा? संघम् शरणम् गच्छामि या … Read more

उपचुनाव से पता चलेगी जदयू-राजद-कांग्रेस गठबंधन की हकीकत

-हिमांशु शेखर झा- बिहार की राजनीति में एक नया गठबंधन आकार ले चुका है जिसमे राजद और जदयू की परस्पर की भागीदारी है तथा कांग्रेस के लिए तो मानो डूबते को तिनके का सहारा. ये तीनो ऐसी पार्टियाँ है जो बीते लोकसभा चुनाव में मुह के बल गिरी थी. नए गठबंधन के आकार लेते ही बिहार … Read more

नाबालिग उम्र से ‘अप्राकृतिक’ छेड़छाड़

-संजय तिवारी- नयी नयी सरकार की नयी नयी महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने जो सुझाव दिया था आखिरकार सरकार ने उस पर अपनी सहमति देते हुए कानून हो जाने का रास्ता साफ कर दिया है। अब सन 2000 में बने उस कानून में संशोधन होगा जिसमें 18 साल तक की उम्र को बचपन … Read more

क्या मोदी की लहर अब धीमी हो चली है?

तकरीबन सत्तर दिन पहले हुए जिस चुनाव में उतराखंड की पांचों सीटें मोदी लहर में बह गई थीं, विधान सभा उप चुनाव के नतीजों के साथ ही अब वह लहर थमती नजर आ रही है। जहां खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धारचूला से जीत हासिल की, वहीं अन्य दोनों सीटों, डोइवाला और सोमेश्वर को कांग्रेस … Read more

राजस्थान की शेरनी वसुंधरा बेबस क्यों?

सुराज संकल्प यात्रा के जरिए लोगों के विश्वास कायम करने वाली श्रीमती वसुंधरा राजे ने मोदी लहर के सहारे राजस्थान में प्रचंड बहुमत तो हासिल कर लिया, मगर सत्ता संभालने के आठ माह बाद भी पूर्ण मंत्रीमंडल का गठन न कर पाने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। यह पहला मौका है कि वसुंधरा … Read more

error: Content is protected !!